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बैंक हड़ताल के पहले दिन नहीं हुआ कामकाज, लखनऊ में ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित, परेशान हुए शहरी

Sat, 01 Feb 2020 02:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) द्वारा देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर शुक्रवार को लखनऊ समेत प्रदेशभर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों पर ताले पड़े रहे और किसी भी प्रकार का बैंकिंग कार्य नहीं हुआ।  यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि दो दिवसीय बैंक हड़ताल के पहले दिन प्रदेश में करीब तीस हजार करोड़ का लेनदेन बाधित रहा। वहीं राजधानी लखनऊ के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों पर ताले पड़े रहे और किसी भी प्रकार का बैंकिंग कार्य नहीं हुआ। दो दिवसीय बैंक हड़ताल के पहले दिन एक अनुमान के मुताबिक राजधानी में करीब ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। सरकारी बैंकों में ताला जड़ बैंक कर्मी भारतीय स्टेट बैंक के मुख्यालय परिसर में एकत्रित हुए और प्रदर्शन कर धरना दिया। इसमें राष्ट्रीयकृत बैंकों के एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, एनओबीडब्ल्यू समेत सभी नौ संगठन शामिल रहे।
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
बैंककर्मियों ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) और केंद्र सरकार केखिलाफ आक्रोष व्यक्त करते हुए नारेबाजी की। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सिंडीकेट बैंक, यूनाइटेड बैंक, कैनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, ओवरसीज बैंक, विजया बैंक समेत समस्त राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताला लगा रहा। इस दौरान इन बैंकों के 905 शाखाओं के 10 हजार कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल पर रहे। यूएफबीयू के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि हड़ताल की वजह से ग्राहक संबंधित बैंकिंग कार्य पूरी तरह से ठप रहा। करीब ढाई हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।
 
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हड़ताल के चलते बैंक में पसरा रहा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक एम्पलॉइज उप्र (एनसीबीई) के महामंत्री व राष्ट्रीय संयुक्त सचिव कामरेड केके सिंह ने बताया कि नवंबर 2017 से बैंकिंग सेक्टर में कार्यरत 10 लाख से भी अधिक बैंककर्मी अपनी वेतनवृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। पिछला वेतन वृद्धि समझौता 15 प्रतिशत का था लेकिन दो प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव से शुरुआत करने के बाद आईबीए ने तीन वर्ष बाद भी समुचित वृद्धि का प्रस्ताव नहीं दिया है। जबकि हमें 20 प्रतिशत से कम वेतनवृद्धि समझौता स्वीकार्य नहीं है।

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बैंक हड़ताल पर प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
केके सिंह ने कहा, हमारे 12 सूत्रीय मांगपत्र में इसके अतिरिक्त पांच दिवसीय बैंकिंग, नवीन पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी योजना लागू करना, पेंशन पुनरीक्षण एवं पारिवारिक पेंशन में समुचित वृद्धि एवं परिचालन लाभ के आधार पर कल्याण निधि में आवंटन आदि प्रमुख मांगें सम्मिलित हैं।
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बैंक हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि बड़ी धनराशि के ऋण बैंक के बड़े अधिकारी व बोर्ड स्वीकृत करते हैं। भारत सरकार ने अपने कार्यकाल में कर्मचारी निदेशकों की नियुक्ति नहीं की गई। जिस वजह से बड़ी धनराशि के ऋणों पर कोई नियंत्रण नहीं है। जो बढ़ते हुए एनपीए के रूप में सामने आ रहे हैं।

 
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि बैंककर्मियों से सबसे ज्यादा कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उनको न्यूनतम वेतन श्रेणी में रखा गया है। एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री पवन कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते आज बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। इस अवसर पर पीएनबी एम्प्लॉइज यूनियन के मंत्री ताहिर अली, एनसीबीई के अध्यक्ष अखिलेश मोहन, एनसीबीई के वाईके अरोड़ा, एबाईबीईए केवीके सिंह, एसके संतानी, डीपी वर्मा, एसडी मिश्र, समेत काफी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे।
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