लखनऊ। कैसरबाग की हीवेट रोड स्थित बैंक ऑफ वडोदरा शाखा के कुछ ग्राहकों के डीमैट खाते से रकम निकालने वाले कर्मचारी अलीगंज के सेक्टर-एल निवासी गोल्डी श्रेष्ठ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में मुख्य प्रबंधक शिवशंकर मित्रा ने वर्ष 2021 में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी कुमार मिश्र ने बताया कि गोल्डी श्रेष्ठ, अनिरूप अग्रवाल, पुरुषोत्तम वर्मा, दीपक कुमार श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह, राम नारायण सिंह, मो. फारूख, पीयूष कुमार और शैलेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन की एफआईआर हुई थी। आरोप है कि गोल्डी ने बैंक के सिस्टम में छेड़छाड़ कर कई ग्राहकों के खाते से 8.89 लाख रुपये की हेराफेरी की थी। आरोपी ने रकम अलग-अलग लोगों के खाते में ट्रांसफर किए और फिर उनका निजी इस्तेमाल किया। मामले में पुलिस अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई कर चुकी है।
शुक्रवार को कैसरबाग पुलिस को सूचना मिली कि गोल्डी केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास है। इस पर एक टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से ठगी की रकम से खरीदी स्कूटी व मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उधारी चुकाने और खर्च पूरे करने के लिए उसने धोखाधड़ी की थी।