‘उप्र. प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश-2018’ में सजा के प्रावधानों को और कठोर बनाया गया है। इसमें प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग करने वालों की तुलना में कारोबार करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है।
अध्यादेश में पॉलिथीन या प्लास्टिक की सामग्री के प्रयोग पर प्रतिबंध का पहली बार उल्लंघन पर एक माह की सजा या न्यूनतम एक हजार और अधिकतम 10 हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा। दूसरी बार के उल्लंघन पर छह माह की जेल या न्यूनतम 5 हजार व अधिकतम 20 हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा।
इसी तरह प्लास्टिक के कैरीबैग के विक्रय, वितरण, उत्पादन, भंडारण और परिवहन पर लगे प्रतिबंध का पहली उल्लंघन करने पर छह माह की जेल या न्यूनतम 10 हजार व अधिकतम 50 हजार तक का जुर्माना देना होगा। दूसरी बार उल्लंघन पर एक वर्ष तक की सजा एवं न्यूनतम 10 हजार व अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा।