बिटिया के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म व दरिंदगी के मामले में परिजनों का पुलिस के प्रति असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। परिजन चाहते हैं कि रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी की निशानदेही पर बरामद मोबाइल व सिम की कॉल डिटेल परिवार को बताई जाए। परिजन विवेचक सीओ पर भी लगातार सवाल उठा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि इस मामले में कई अन्य लोग शामिल हैं। यदि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए तो कई राज सामने आ सकते हैं।
बिटिया के घर पहुंचे सजातीय गिहारा समाज के लोगों ने भी रविवार को स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया था। यही नहीं इस समाज के लोगों ने सपा-बसपा व कांग्रेस पर भी जमकर प्रहार किया और कहा कि विपक्षी दल भी हाथरस की अपेक्षा बलरामपुर की घटना को कम तरजीह दे रहे हैं। परिजनों की न तो मांग पूरी हो रही है और न ही अन्य आरोपी के बारे में कुछ पता चल रहा है।
बिटिया की मां का कहना है कि पुलिस मामले के आरोपियों की तलाश करने की जगह गलत बयानबाजी की जा रही है। परिजनों ने कहा कि सरकार परिवार को एक करोड़ की आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी, सरकारी आवास, खेती योग्य भूमि का पट्टा तथा शस्त्र लाइसेंस की मांग शीघ्र पूरा नहीं करेगी तो हम लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।