लखनऊ। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और अब सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के पीआरओ समेत नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले पांच जालसाजों की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी गई। चारों की जमानत याचिका पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। जिस पर न्यायाधीश कविता मिश्रा ने पांचों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अब सपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का पीआरओ बनकर लोगों को नौकरी का झांसा देते थे। उनसे लाखों रुपये वसूलने का मामला अप्रैल में सामने आया। पीड़ितों ने हजरतगंज थाने में तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने जांच की तो मामला सही पाया। इस मामले में एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह की टीम ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी खुद को पूर्व मंत्री का करीबी बताते थे। गिरफ्तार आरोपियों में विशाल गुप्ता, असगर अली, अमित राव, मोहम्मद फैजी, अरमान खान शामिल है। इसमें अरमान खान पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का पीआरओ भी रहा है। उसने इसी का फायदा उठाते हुए भाजपा शासन में भी उनके पास आता जाता रहा। उनकेनाम पर अन्य के साथ मिलकर लाखों रुपये की ठगी की थी।
जितेश कुमार ने हजरतगंज थाने में 20 अप्रैल को तहरीर दी जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पांचों आरोपियों को एसटीएफ ने 21 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 7 मोबाइल, 57 हस्ताक्षरशुदा चेक, 5 कूटरचित आईडी कार्ड, 22 फर्जी नियुक्ति पत्र, 14 व्यक्तियों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र व अंक पत्र, 2 सचिवालय पास, एक एक्सयूवी 700 बरामद हुआ था। बुधवार को इस मामले में जमानत पर सुनवाई कर रहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भ्रष्टचार निवारण सीबीआई कोर्ट-1 में न्यायाधीश कविता मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पांचों की जमानत याचिका खारिज कर दी।