डॉ. शर्मा ने बताया कि कार्रवाई से पहले जांच करवाई गई थी। इसके लिए सात सितंबर और फिर 19 सितंबर को यहां समिति ने पहुंचकर निरीक्षण किया। समिति की ओर से यह कहा गया-
- इस दौरान बालिकाओं और स्टाफ सदस्यों से बात की गई और स्थितियों को देखा गया।
- इसकी रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही शनिवार को कार्रवाई की गई।
- समिति के अनुसार मनीषा मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा को खतरा है
- यहां सुरक्षा स्टाफ तैनात नहीं रहता है।
- छात्राओं को रखने के लिए उनके परिजनों से चार-चार हजार रुपये हर महीने लिए जा रहे हैं।
- पैसा लेकर भी छात्राओं को बासी खाना दिया जाता है, कई दफा वह भी नहीं मिलता।
- साफ सफाई नहीं की जाती है, इसकी वजह से छात्राओं को फोड़े-फुंसी हो रहे हैं।
काउंसलिंग के बाद जारी होगी रिपोर्ट
समिति के अनुसार फिलहाल छोटी बालिकाओं को प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) में आश्रय दिलाया जा रहा है। वहीं, बड़ी बालिकाओं को मोतीनगर स्थित बाल गृह (बालिका) में आश्रय दिलाया गया है। इन बालिकाओं की काउंसलिंग की जाएगी, जिसमें उनसे विस्तृत जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी।