हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी की करीब दो साल पहले गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत कुमार को जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी ने मंगलवार को यह आदेश प्रशांत की जमानत अर्जी पर दिया।
आरोपी ने सत्र अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पिछले साल हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। जमानत का विरोध करते हुए सरकारी वकील राजेश कुमार सिंह का कहना था कि 28-29 सितंबर 2018 की रात जब विवेक एक महिला सहकर्मी के साथ दफ्तर से वापस आ रहे थे, तभी राजधानी में गोमती नगर विस्तार इलाके में प्रशांत व उसके साथी सिपाही ने अवैध पैसा वसूली के लिए उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। गाड़ी बढ़ाने पर प्रशांत ने सरकारी पिस्टल से विवेक को गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई।
सरकारी वकील का कहना था कि प्रशांत के पास से पिस्टल बरामद हुई और उसी से गोली चलने की पुष्टि भी हुई। ऐसे में आरोपी जमानत पर रिहा किए जाने लायक नहीं है। सरकारी वकील के मुताबिक अदालत ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी खारिज करते हुए केस का विचारण जल्द पूरा किए जाने के निर्देश ट्रायल कोर्ट को दिए हैं। राजधानी का यह हत्याकांड काफी चर्चा में रहा था।