हाईकोर्ट ने पूर्व में स्पष्ट किया है कि दरगाह पर केवल आवश्यक और नियमित धार्मिक गतिविधियां ही सीमित संख्या में की जा सकती हैं। किसी भी प्रकार की भीड़ या ऐसा आयोजन, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो को अनुमति नहीं दी जा सकती।
सभी पहलुओं पर होगी गंभीरता से जांच और समीक्षा
दरगाह शरीफ में प्रस्तावित उर्स आयोजन को लेकर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने जिलाधिकारी बहराइच और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उर्स से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच और समीक्षा की जाएगी। कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और उच्च न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखा जाएगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी तरह का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेगा। जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही उर्स आयोजन के संबंध में उचित फैसला लिया जाएगा।
न्यायालय ने दे रखा है अंतरिम आदेश
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश शुक्ला का कहना है कि उच्च न्यायालय ने दरगाह शरीफ में आयोजनों के मामले में अंतरिम आदेश दे रखा है। आदेश में कहा गया है कि दरगाह के जो नियमित कार्य हैं वह होते रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि आवश्यक धार्मिक कार्यक्रम सीमित संख्या में श्रद्धालुओं के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की भीड़-भाड़ से बचने के निर्देश दिए गए हैं। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।