विभूतिखंड थानाक्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह कठौता झील के पास बेकाबू स्कूली वैन ने ढाई साल के मासूम को रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सेंट फ्रांसिस स्कूल के बच्चों को लेकर जा रहा चालक हादसे के बाद वैन छोड़कर भाग निकला। वैन को कब्जे में लेकर पुलिस चालक को तलाश रही है।
उधर, इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में है। प्रभारी निरीक्षक राजीव द्विवेदी के मुताबिक मूल रूप से असम निवासी नलचंद अली और उसकी पत्नी जामेला गोमतीनगर के मकदूमपुर में झोपड़ी में रहते हैं। दोनों विभूतिखंड में ठेके पर कूड़ा बीनते हैं। बृहस्पतिवार सुबह दंपती घरों से कूड़ा लेने निकला था। उनके साथ बेटा भी था।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक सुबह करीब सात बजे स्कूली वैन बच्चों को लेकर जा रही थी। उस पर सेंट फ्रांसिस स्कूल लिखा था। कठौता झील के पास तेज रफ्तार वैन अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़ी कूड़े की ठेलिया को टक्कर मार दी। इससे ठेलिया के हैंडिल पर बैठा नयन छिटककर सड़क पर गिर गया और वैन उसके ऊपर से निकल गई। यह देख वैन चालक घबरा गया और वैन रोककर भाग निकला। उधर, नयन की मौके पर ही मौत हो गई।
दहशत में आए बच्चे, मची चीख-पुकार
हादसा देखकर वैन में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। इस पर आसपास के लोग जुटे। हादसा स्थल के पास जज का मकान है। उनकी सुरक्षा में तैनात गार्डों ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। सुरक्षाकर्मियों ने सहमे बच्चों को संभाला और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चों को स्कूल पहुंचवाया।
मां-पिता के सामने इकलौते बेटे ने तोड़ा दम
हादसे के बाद दौड़ी जामेला ने घायल बेटे को गोद में उठाया, लेकिन चंद पलों में उसने दम तोड़ दिया। इस पर वह बेहोश हो गई। मुश्किल से उसे होश में लाया गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक वैन वास्तुखंड निवासी इरफान की है। हादसे के वक्त वह कानपुर में था। उसकी वैन चिनहट का सुरेंद्र चला रहा था। पुलिस ने नलचंद अली की तहरीर पर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी को तलाश रही है। उसका मोबाइल बंद आ रहा है।