ईडी ने आशंका जताई है कि पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने अपनी कई करोड़ की काली कमाई का खाड़ी देशों में भी निवेश किया है।
यह रकम एक बिल्डर ग्रुप के जरिए निवेश किए जाने के सुराग सामने आए हैं। कुछ वर्षों पहले तक मामूली व्यवसाय करने वाले इस बिल्डर की मौजूदा हैसियत कई सौ करोड़ की है और उसका काम खाड़ी देशों में भी चल रहा है।
यह बिल्डर पूर्व मंत्री का करीबी भी है। ईडी के सूत्रों के अनुसार इस बिल्डर की नजदीकी पूर्व मंत्री से एक आईएएस ने कराई थी।
घोटाले में अधिकारी ने दिया साथ
घोटाले के समय संबंधित विभाग में ही ऊंचे पद पर तैनात रहे इस आईएएस अधिकारी ने अपने करीबी एक कपड़ा व्यवसायी और उसके नजदीकी इस कारोबारी को पूर्व मंत्री के दरबार तक पहुंचाया था।
इसके बाद यह कारोबारी पूर्व मंत्री के खासा नजदीक हो गया था। आईएएस व विभागीय मंत्री ने इसके बाद कारोबारी को कई ठेके और काम दिए।
इनके कार्यकाल में छोटे से कारोबारी से बड़ा बिल्डर बनने वाले इस करीबी ने इसके बाद बहुमंजिला आवासीय भवन व कांप्लेक्स आदि बनाने का काम फैलाया और फिर खाड़ी देशों में भी इस बिल्डर की फर्म काम करने लगी।
जिस तरह से एनजीओ में पूर्व मंत्री व उनके करीबी आईएएस ने करोड़ों का खेल कराया, वैसे ही इस बिल्डर से साथ मिली-भगत की ईडी को सूचना मिली है।
करीबियों के भी खातों की हो रही जांच
जांच से जुड़े अधिकारियों को यह सूचना भी मिली है कि पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने इस बिल्डर के खाड़ी देश के प्रोजेक्ट में अपनी ऊपरी कमाई का एक मोटा हिस्सा निवेश किया है। ईडी इस सूचना की सत्यता की जांच कर रही है।
इसके तहत इस बिल्डर के खातों की जांच तो की ही जा रही है साथ ही पूर्व मंत्री व आईएएस के करीबियों के खातों की भी पड़ताल कर यह देखा जा रहा है इनसे खाड़ी देश के लिए कोई निकासी की गई है।
इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि किसके खाते में खाड़ी देश से इनमें से किसी के खाते में कोई आमद हुई है अथवा नहीं।