गजराज के बेटे पवन ने बताया वह तीन भाई थे। बड़े भाई मनोज ने 2012 में आत्महत्या कर ली थी। मनोज की पत्नी व उनके तीन बेटे पुश्तैनी मकान में रहते हैं। वह, पिता गजराज और दूसरे भाई प्रमोद व उनका परिवार गांव के बाहर बने घर में रह रहे थे। गजराज ने तीनों बेटों में पांच बीघा जमीन बांट रखी थी। 28 जनवरी की सुबह मनोज का बेटा रोहित उर्फ आकाश मिलने आया। उसने गांव के बाहर बने घर में अपने हिस्से की मांग की, जिस पर बाबा गजराज से कहासुनी हुई। इसके बाद रोहित जान से मारने की धमकी देकर चला गया।
पवन के अनुसार, वह पान की गुमटी खोलने चले गए। घर पर प्रमोद की पत्नी नीरजा थीं। शाम करीब चार बजे रोहित चाकू लेकर घर पहुंचा और बाबा गजराज से पूरी खेती अपने नाम करने की मांग की। गजराज के इन्कार करने पर रोहित ने चाकू से उनके गले पर वार कर दिया। शोर सुनकर नीरजा बाहर निकलीं तो उन्होंने गजराज को खून से लथपथ देखा। उन्होंने रोहित को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चाकू फेंककर भाग निकला। परिजनों ने घायल गजराज को सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया।
एसओ सैरपुर मनोज कुमार ने बताया कि पवन की तहरीर पर रोहित के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। आरोपी रोहित की तलाश की जा रही है।