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अब जनेश्वर मिश्र पार्क में बच्चे लेंगे बाल रेल का मजा

Thu, 03 Mar 2016 12:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान की तर्ज पर जनेश्वर मिश्र पार्क में भी जल्द ही लोग खासकर बच्चे बाल ट्रेन का भी लुत्फ उठा सकेंगे। पार्क को और अधिक मनोरंजक बनाने और बच्चों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एलडीए नए प्लान के तहत बाल ट्रेन प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की कवायद में जुट गया है।
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इसके पार्क के प्रमुख हिस्सों से जोड़ा जाएगा ताकि लोग भ्रमण के दौरान पार्क का अधिक से अधिक नजारा ले सके। हाल ही में राज्य सरकार से बजट अनुमोदन के बाद प्राधिकरण ने नए प्लान के तहत काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत पार्क में अब महंगी साइकिलें भी लाई जाएंगी।

पहले ये योजना बनी थी, मगर बजट खत्म होने की वजह से इसको अगले चरण पर टाल दिया गया था। यहां वे साइकिलें भी लाई जाएगी जिन पर 14 लोग बैठेंगे और पैडल भी मारेंगे।
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एलडीए बड़ी संख्या में अब साइकिलें खरीद रहा है। इनमें 50 हजार रुपये कीमत तक की साइकिलें भी होंगी। वहीं, बैट्री चलित कार भी मंगाई जा रही हैं। इन संसाधनों के लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए एक बाइसिकल क्लब बनाया जाएगा।
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200 एकड़ हिस्सा कवर करेगी रेल

पार्क इतना बड़ा है कि लोगों को घूमने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पार्क का एक हिस्सा घूमने में ही लोग थक जाते हैं। ऐसे में अब बाल ट्रेन का प्रस्ताव फिर से तैयार किया जाएगा। चिड़ियाघर में करीब सवा किलोमीटर तक बाल ट्रेन नैरो गेज पर चलाई जा रही है, जिसका निर्माण राजकीय निर्माण निगम ने करीब तीन करोड़ रुपये में किया था।

जू करीब 76 एकड़ में है। ऐसे में अगर तीन किलोमीटर के करीब बाल ट्रेन दौड़ाई जाए तब 10 करोड़ रुपये के खर्च में जनेश्वर पार्क में भी बाल ट्रेन संचालित की जा सकती है, जिसमें पार्क का करीब 200 एकड़ का प्रमुख हिस्सा कवर हो जाएगा।

पार्क में भाप का इंजन जहां खड़ा है, वहां अफसर जनेश्वर मिश्र जंक्शन बनाने की तैयारी में लगे हुए हैं। यहां पर एक छोटे स्टेशन की एक झांकी तैयार की जाएगी। इस इंजन के साथ ही यहां एक स्टेशन का पूरा स्वरूप देखा जाएगा, जो बच्चों को आकर्षित करेगा। इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

लविप्रा की अपर सचिव सीमा सिंह का कहना है बाल ट्रेन का प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजा जाएगा। यहां इसकी जरूरत है। बच्चों के लिए न केवल एक बड़ा आकर्षण होगी बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं को भी पार्क घूमने में सुविधा मिलेगी। बहुत मुमकिन है कि जल्द ही पार्क में बाल ट्रेन का संचालन शुरू किया जा सके। हमको अनुमोदन मिले तो ये काम छह महीने में ही संभव हो सकता है।
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