मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर नगर विकास मंत्री आजम खां ने सोमवार को अपने दिल का दर्द बयां किया।
कहा कि मुजफ्फरनगर के कातिलों को कातिल कह देने पर तूफान खड़ा हो गया है।
उनके खिलाफ ऐसी खतरनाक साजिश रची गई थी जो पकड़ में न आती तो उन्हें फांसी के तख्ते तक पहुंचा सकती थी।
आजम खां ने यहां जारी बयान में मोदी का नाम लिए बिना कहा कि एक तरफ इंसानियत और कमजोर इंसानों के हत्यारों को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कई ताकतें मुल्क को नफरत की आग में जला देने पर अडिग हैं।
दूसरी तरफ उनके खिलाफ खतरनाक साजिशें रची जा रही हैं। उनके पूरे राजनीतिक जीवन में एक भी मिसाल नहीं दी जा सकती जिसमें उन्होंने किसी गुनहगार का साथ दिया हो या जाति-धर्म के आधार पर फैसला किया हो।
उन्होंने कहा ‘हर लमहा चाहते हुए भी मुजफ्फरनगर के लूटे और बर्बाद किए गए लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा हूं। मैं फकत इरादा ही करता हूं तो मजलूमीन सहमा दिए जाते हैं।
मेरा सर मांगा जा रहा है, वह तो कुदरत के फैसले से कबल मुमकिन नहीं है लेकिन बेकसों, बेसहारा के मुजरिम अपने अंजाम को पहुंचे उससे गाफिल नहीं हूं’। उन्होंने कहा कि वह मजलूम के उतना ही नजदीक हैं जितनी नजदीक उनकी धड़कने हैं।