मौका तो तालीमी जागरूकता का था, लेकिन मिजाज के मुताबिक कैबिनेट मंत्री आजम खां विवादित बयानबाजी से बाज नहीं आए। उन्होंने भाजपा और मीडिया को आड़े हाथ लिया।
देश में हो रहे, झगड़े, फसाद, दुष्कर्म व अपराध सभी के दोष मीडिया पर ही मढ़ दिए। कहा मीडिया ने एक हत्यारे को वजीर-ए-आजम बना दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया जलते हुए घर दिखाती है लुटती हुई इज्जत दिखाती है। पेड़ पर टंगी हुई बच्चियों की लाशें दिखाती है।
मीडिया के दबाव में बेगुनाहों को दोषी बना दिया जाता है। इस तरह तो एक दिन मीडिया देश से बड़ी कीमत अदा करवाएगी। मीडिया ने एक हत्यारे को वजीर-ए-आजम बनवा दिया। हमसे मुलायम सिंह के जन्मदिन के खर्च का हिसाब मांगती है। अडानी की दौलत सात सौ गुना हो गई लेकिन जवाब नहीं मांगते।
मंच से भाजपा नेता उमा भारती, साक्षी महाराज, महंत आदित्य नाथ पर जमकर निशाना साधा और विवादित ढांचा गिराए जाने के जख्म को कुरेदा। आजम ने राज्यपाल राम नाईक को भी नहीं बख्शा। उनके मंदिर वाले बयान पर कहा कि वह राज्यपाल कम अयोध्या के पुजारी ज्यादा लग रहे हैं। धर्म परिवर्तन पर तंज करते हुए कहा कि पहले मंदिरों और दिलों के दरवाजे खोलो फिर धर्म परिवर्तन करना।