अमर सिंह की मुलायम से बढ़ती नजदीकियों पर आखिरकार आजम बोल ही पड़े। इससे यह भी साफ हो गया कि वह अमर सिंह को सपा में बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
नगर विकास मंत्री आजम खां ने अमर सिंह की सपा मुखिया से बढ़ती नजदीकियों को लेकर नाराज है। वह जनेश्वर मिश्र पार्क के लोकार्पण समारोह में सिर्फ इसलिए नहीं गए कि उसमें अमर सिंह को भी बुलाया गया था।
उन्होंने एक शेर के जरिये अपनी नाराजगी को कुछ इस तरह बयां की,-‘कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, कोई यूं बेवफा नहीं होता’।
अमर सिंह को कहा मदारी
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ अमर सिंह की मंच पर मौजूदगी पर आजम खां ने इशारों ही इशारों में उन्होंने मदारी करार दिया।
आजम खां ने कहा, राजनीतिक मंच पर सभी तरह के लोग होते हैं। कुछ हम जैसे फकीर होते हैं, कुछ खेल वाले खिलाड़ी और कुछ मदारी होते हैं।
क्या अमर सिंह को समारोह में बुलाने का फैसला उनसे पूछकर नहीं हुआ ? इस पर उन्होंने कहा कि हर फैसला हमसे पूछकर नहीं होता।
सपा नेतृत्व से नाराजगी के सवाल को टालते हुए उन्होंने इस शेर के जरिये अपनी बात कही- ‘तबियत को होगा कलख चंद रोज, बहलते-बहलते बहल जाएगी’
कैबिनेट बैठक में चुप रहे आजम
वहीं शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव टाले जाने से नाराज नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां मंगलवार शाम कैबिनेट की बैठक में पहुंचे लेकिन चुपचाप बैठे रहे।
उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की और कै बिनेट की बैठकर के बाद चुपचाप चले गए। आज शाम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी।
आजम के इस्तीफे की अफवाह
बैठक शुरू हो जाने के बाद आजम एनेक्सी नहीं पहुंचे तो उनकी नाराजगी बढ़ने की चर्चाएं होने लगीं। लगभग 20 मिनट देरी से आजम कैबिनेट की बैठक में पहुंचे।
तब तक उनसे संबंधित एजेंडे निपट चुके थे। सूत्रों के अनुसार आजम बैठक में चुपचाप बैठे रहे। किसी मसले पर उन्होंने अपनी राय नहीं रखी और बैठक खत्म होने के बाद उठकर चले गए।
इस बीच रात में इस बात की भी जबरदस्त चर्चा उड़ी कि आजम ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।