नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने फ्रांस के पेरिस में आतंकी हमले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों पर निशाना साधा।
कहा, सुपर पावर ने दुनिया को दहशतगर्दी में धकेल दिया। उन्होंने पेरिस की घटना की निंदा तो की लेकिन यह भी कहा कि इसके बाद बेगुनाहों पर हमले गलत हैं।
आजम खां ने सचिवालय स्थित अपने दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- मैंने फ्रांस पर हमले को एक्शन का रिएक्शन नहीं बताया। पेरिस की घटना मुंबई हमले की तरह निंदनीय है। पर, देखना होगा कि दहशतगर्दी की शुरुआत किसने की।
अमेरिका और यूरोपीय मुल्कों ने अपनी शानो-शौकत, अय्याशी, शराबखोरी और तेल के कुओं पर कब्जे के लिए इसकी शुरुआत की। ईराक, सीरिया, लीबिया और अफगानिस्तान जैसे मुल्कों में इतनी ताकत नहीं थी कि वे अमेरिका से टकराएं।
सद्दाम हुसैन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जिस मुल्क के हुक्मरान गटर में घुस जाएं, वे अमेरिका से क्या टक्कर लेंगे? उन्होंने कहा कि पेरिस की घटना के बदले में ड्रोन कैमरों के जरिये जिस तरह से बेगुनाहों पर हमले किए गए, उसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।
'पेरिस हमारा मुल्क नहीं जो मुझ पर राष्ट्रद्रोह लगेगा'
पेरिस पर हमले को लेकर उनके बयान पर भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा, मैं भाजपा से पेंशन नहीं लेता जो उनसे पूछकर बयान दूंगा।
पेरिस हमारा मुल्क नहीं जो मुझ पर राष्ट्रद्रोह लगेगा। उन्होंने कहा, भाजपा नेता संविधान नहीं पढ़ते। वे तो शाखाओं में आरएसएस का संविधान ही पढ़ते हैं।
बिहार में भाजपा जीतती तो फैल जाती अशांति
आजम ने कहा, बिहार ने भाजपा को उसकी औकात दिखा दी फिर भी उसके नेताओं का दिमाग ठीक नहीं हुआ है। बिहार में भाजपा को मुसलमानों ने नहीं हराया। मैं शुक्रगुजार हैं कि हिंदुओं ने आगे बढ़कर उसे सबक सिखाया। यदि बिहार में भाजपा जीत गई होती तो आधी यूपी में सड़कों पर अशांति दिखाई देती। अब रवानगी है, माहौल खुशनुमा है।
'मोदी ने किया देश को बदनाम'
आजम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला जारी रखा। विश्व शांति और अमन की उनकी अपील पर कहा कि दुनिया भर में भारत को सर्वाधिक बदनाम मोदी ने किया। विश्व में वह 2002 के गुजरात दंगों के आरोपी के रूप में जाने जाते हैं।
यूपी में आसान नहीं महागठबंधन
बिहार की तर्ज पर यूपी में महागठबंधन की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पार्टी व सरकार में अपनी स्थिति को लेकर उन्होंने पीड़ा बयां कर दी।
कहा, यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव में सियासी गठबंधन पर बोलने की मैं हैसियत नहीं रखता। ऐसे फैसलों में मेरी भूमिका नहीं होती। उन्होंने इतना जरूर कहा कि यूपी में गठबंधन होना आसान नहीं है।