परमहंस आचार्य ने कहा कि जिस तरह से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। उससे इस समय तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। यदि कहीं तृतीय विश्व युद्ध होता है तो इसका खामियाजा कहीं न कहीं विश्व को भुगतना पड़ेगा।
विश्व कल्याण एवं विश्व शांति की कामना से तपस्वी छावनी आश्रम में शनिवार को अनुष्ठान का आयोजन किया गया। जगद्गुरू परमहंस आचार्य के संयोजन में संपन्न हुए अनुष्ठान में वैदिक ऋचाओं के द्वारा साधु-संतों ने आहुतियां डाली। परमहंस आचार्य ने कहा कि जिस तरह से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। उससे इस समय तीसरे विश्व युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। यदि कहीं तृतीय विश्व युद्ध होता है तो इसका खामियाजा कहीं न कहीं विश्व को भुगतना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की है। हम इसके अनुयायी हैं। पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं और सर्वे भवंतु सुखिन: की कामना करते हैं। इसी उद्देश्य से वैदिक ऋचाओं के द्वारा हवन करके भगवान से प्रार्थना किया है कि सबको सद्बुद्धि आए। आपस में लोगों का सौहार्द और प्रेम बढ़े। एक-दूसरे के विनाश के लिए जो लोग तुले हुए हैं। वह आपसी भाईचारे की ओर अब कदम बढ़ायें। क्योंकि अगर तृतीय विश्व युद्ध होता है। तो पूरे विश्व का नुकसान होगा।अनुष्ठान में कई साधु-संत सम्मिलित रहे।