शिखर पर चढ़ाई गई तांबे की परत व प्रथम तल के दरवाजे को लेकर जाते निर्माण में लगे लोग।
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राम मंदिर के शिखर के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। राम मंदिर के शिखर को स्वर्ण मंडित किया जा रहा है। शिखर पर स्थापित तीन फुट ऊंचे कलश पर भी सोने की परत चढ़ाई जाएगी। इसी के साथ राम मंदिर के प्रथम तल पर दरवाजे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जानी है। जून के प्रथम सप्ताह में राम दरबार की स्थापना होगी।
राम मंदिर के शिखर के ऊपरी हिस्से को स्वर्ण मंडित किया जाना है। इसके लिए शिखर पर तांबे की परत चढ़ाई जा चुकी है। जल्द ही इस पर सोने की परत चढ़ाई जाएगी। राम मंदिर का संपूर्ण शिखर स्वर्ण मंडित नहीं होगा बल्कि केवल 10 फुट ऊंचाई तक शिखर को सोने से जड़ा जाएगा। राम मंदिर का शिखर 161 फुट की ऊंचाई पर निर्मित है। इससे पहले राम मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे को स्वर्ण मंडित किया जा चुका है। रामलला जिस सिंहासन पर विराजमान हैं वह भी सोने से जड़ित है।
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इसी क्रम में अब राम मंदिर के प्रथम तल पर स्वर्ण मंडित दरवाजे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रथम तल के छह दरवाजों पर 18 किलोग्राम सोना लगाया जा रहा है। हर दरवाजे पर तीन किलोग्राम सोना लगाया जाएगा। मुख्य कलश और राम दरबार के सिंहासन को भी स्वर्ण मंडित किया जाएगा। यह दरवाजे सागौन की लकड़ी से निर्मित हैं। इनकी आयु करीब एक हजार साल बताई जा रही है। प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जानी है। राम दरबार की मूर्ति बनकर तैयार है। 15 मई तक मूर्ति के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। गंगा दशहरा पर राम दरबार सहित सप्त मंडपम व परकोटा के मंदिरों में स्थापित होने वाली मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
राम मंदिर में लगने हैं कुल 42 दरवाजे
- राम मंदिर के प्रथम तल पर लगने वाला दरवाजा 12 फुट ऊंचा और आठ फुट चौड़ा होगा। राम मंदिर में कुल 42 दरवाजे लगने हैं। गर्भगृह में 14 दरवाजे लग गए हैं। प्रथम तल पर 14 दरवाजे लगाए जाने हैं। प्रथम तल के गर्भगृह का दरवाजा स्वर्ण मंडित होगा। इसी तरह दूसरे तल पर भी 14 दरवाजे लगाए जाएंगे। इन दरवाजों पर नक्काशी की गई है। दरवाजों पर दो हाथी कमल के पुष्प पर जल की वर्षा करते दिखेंगे। दरवाजे के दोनों ओर जय-विजय के प्रतीक बने हुए हैं।