मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा का यह ऐतिहासिक कार्यक्रम करोड़ों सभी सनातन आस्थावानों के लिए हर्ष-उल्लास, गौरव और आत्मसंतोष का अवसर है। पूरा देश राममय है। 22 जनवरी को सायंकाल हर देव मंदिर में दीपोत्सव मनाया जाएगा। हर सनातन आस्थावान अपने घरों/प्रतिष्ठानों में रामज्योति प्रज्ज्वलित कर रामलला का स्वागत करेगा। सभी सरकारी भवनों की साज-सज्जा कराई जाए। सायंकाल आतिशबाजी के भी प्रबंध हों।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी टेंट सिटी में 10-10 बेडेड का स्वास्थ्य केंद्र तैयार कराएं। इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन भी सहयोग के लिए उत्सुक हैं। यहां एम्बुलेंस की तैनाती हो। विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों को अयोध्या ने तैनात करें।
टेंट सिटी की व्यवस्थाओं का आज मैने अवलोकन किया है। यहां अच्छी व्यवस्था है। साफ सफाई का ध्यान रखें। यहां ठहरने वालों को गर्म पानी मिले। टेंट सिटी में खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग तथा मंडी परिषद द्वारा आवश्यक व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रैन बसेरे को और व्यवस्थित करें। कई स्थानों पर इनकी संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। धर्मनगरी में रात्रि विश्राम करने वाला एक भी व्यक्ति ठंड से ठिठुरता न मिले। राहत आयुक्त के स्तर से इसके लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में बड़ी संख्या में लोगों का आगमन हो रहा है। ऐसे में लखनऊ, प्रयागराज और गोरखपुर से अयोध्या मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में तैयार रखा जाए। वाहन चलते रहें, खड़े न रहें। इन मार्गों को रामायण, रामचरितमानस के श्लोकों, चौपाइयों और दोहों से आकर्षक बनाएं। विभिन्न भाषाओं में साइनेज भी लगाए जाएं।
22 जनवरी के समारोह के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की बेहतर कार्ययोजना बनाएं। अयोध्या को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गो पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हो। आगंतुकों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की पर्याप्त उपलब्धता हो। इनकी पार्किंग के इंतजाम कर लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का डिजिटल टूरिस्ट एप विकसित इसी सप्ताह तैयार कराया लें। इसमें अयोध्या में मौजूद सभी आधारभूत सुविधाओं एवं प्रमुख स्थलों की जानकारी वॉक थ्रू के माध्यम से उपलब्ध हो। अयोध्या नगर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण हो। इसके लिए मोबाइल वैन,एलईडी स्क्रीन आदि की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्याधाम में बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी निवास कर रहे हैं। ऐसे लोगों का सत्यापन करते हुए नगर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। आवश्यकतानुसार पुलिस पिकेट बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में पूरी दुनिया से लोग आने वाले हैं। यहां तैनाती पाने वाले पुलिसकर्मियों का व्यवहार प्रदेश की छवि प्रभावित करने वाला होगा। ऐसे में उनकी काउंसिलिंग की जाए। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से सतत संपर्क बनाए रखें।
अयोध्याधाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नव्य, दिव्य, भव्य अयोध्या की महिमा से परिचय कराने प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड तैनात करें। इसमें स्थानीयता को वरीयता दें।