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Ayodhya: राममंदिर चढ़ावा चोरी में सुबूतों के आधार पर बढ़ेंगे आरोपी, विवेचना के लिए गठित होगी टीम

Fri, 26 Jun 2026 08:40 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में अभी आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, कुछ अज्ञात भी आरोपी हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी आरोपी भी बढ़ाए जाएंगे।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने टिन्नू समेत सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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सुबूतों के आधार पर बढ़ेंगे आरोपी: चढ़ावा चोरी में कुछ अज्ञात भी आरोपी हैं। दरअसल, पुलिस की विवेचना में और साक्ष्य सामने आएंगे। इसमें सरकारी बैंककर्मियों के अलावा अन्य नामों का भी खुलासा होगा। बैंककर्मियों के खेल में शामिल होने के साक्ष्य भी मिले हैं। एफआईआर में भी सरकारी अधिकारी के चोरी में शामिल होने की धारा लगाई गई है।

विवेचना के लिए गठित होगी टीम, गैंगस्टर तक लगेगा

- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
करोड़ों की हेराफेरी का मामला बेहद संवेदनशील है। ऐसे में विवेचना के लिए किसी आईपीएस या पीपीएस अफसर के नेतृत्व में टीम गठित की जा सकती है। वहीं, चोरी की घटना को संगठित अपराध की तरह अंजाम दिया गया है। लिहाजा केस की विवेचना पूरी होने के बाद टिन्नू व अन्य आरोपियों पर गैंगस्टर भी लगेगा।

बाथरूम में छिपाते थे चोरी के नोटों की गड्डियां: रकम पार करने के बाद अनुकल्प और अन्य आरोपी नोटों की गड्डियों को बाथरूम छिपा देते थे। बाद में मौका पाकर इसे मंदिर के बाहर ले जाते थे। फिर एक मकान में बंटवारा होता था। यह खेल दो से तीन साल से चल रहा था।

छह जून को हुआ था खुलासा, 13 जून को गठित हुई थी एसआईटी

- फोटो : अमर उजाला
राम मंदिर में छह जून को चढ़ावा चोरी का मामला उजागर हुआ था। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने खुद ही संदिग्धों को पकड़कर जांच शुरू की थी। उसके बाद 13 जून को एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने 23 जून को शासन को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें एफआईआर की सिफारिश की गई थी। बृहस्पतिवार को ट्रस्टी कृष्ण मोहन की तहरीर पर कोतवाली रामजन्मभूमि में एफआईआर दर्ज की गई।

ये है आरोपी, राम मंदिर में निभाते थे ये जिम्मेदारियां

- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू : चंपत राय का करीबी। गणना प्रक्रिया की देखरेख और मंदिर की हर व्यवस्था में हस्तक्षेप। गणना कक्ष की चाबी इसके पास ही रहती थी। चोरी का अहम किरदार।
लवकुश मिश्रा : अनिल मिश्र का रिश्तेदार। चढ़ावा गणना में ड्यूटी। घर से चोरी की रकम बरामद।
अनुकल्प मिश्रा : अनिल मिश्रा का रिश्तेदार। चढ़ावा गणना में ड्यूटी। घर से चोरी की रकम बरामद। आरोपी लवकुश का जीजा।
मनीष यादव : टिन्नू यादव का भतीजा। गणना प्रक्रिया में शामिल। इसके पास से भी चोरी की रकम बरामद।
अविनाश शुक्ला : इसकी भी चढ़ावे की गणना में ड्यूटी। बैंक खाते से पांच लाख रुपये बरामद होने की चर्चा।
सुभाष श्रीवास्तव : गणना इंचार्ज। गणना इसी की निगरानी में।
करुणेश पांडेय : अनुकल्प व लवकुश के साथ साजिश में शामिल।
रमाशंकर मिश्र : अनुकल्प-लवकुश के साथ साजिश में शामिल।
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करोड़ों की नकदी और जेवरातों का हेरफेर,बरामद हुई थी रकम

- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसआईटी की जांच में करोड़ों रुपये की नकदी और जेवरातों का हेरफेर करने की पुष्टि हुई थी, जिसमें इन आरोपियों का नाम सामने आया। यही नहीं, ट्रस्ट ने भी घटना उजागर करने के बाद इन सभी को पकड़ा था। इनकी निशानदेही पर करीब तीन करोड़ रुपये बरामद किए थे। अब जब विवेचना होगी तो स्पष्ट हो सकेगा कि कितने करोड़ का खेल हुआ और कितना सोना-चांदी व कीमती धातु के जेवरात गायब किए गए।
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