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अयोध्या: अब 14 नहीं, आठ मंदिरों में होगी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा, शेषावतार मंदिर में भी प्राण प्रतिष्ठा का होगा

सार

अयोध्या में तीन जून से होने जा रहे अनुष्ठान में आठ मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। आयोजन के लिए रामनगरी पूरी तरह तैयार है। इस दौरान अयोध्या एक बार फिर दिव्य आलोक से स्नान करेगी।
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अयोध्या में दीपोत्सव (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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रामनगरी एक बार फिर से दिव्य आलोक में नहाने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान भव्य राम मंदिर अब केवल प्रभु श्रीराम का ही नहीं, बल्कि एक समग्र आध्यात्मिक तीर्थ का स्वरूप ले चुका है। इसी कड़ी में आठ मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। हालांकि मूर्ति स्थापना 14 मंदिरों में की जानी है, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा केवल देव विग्रहों की ही की जाएगी।

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गंगा दशहरा के पावन अवसर पर अयोध्या में धर्म और संस्कृति का एक नया अध्याय रचा जाएगा। इस दिन राम जन्मभूमि परिसर में आठ देव विग्रहों की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, यानी इन मंदिरों को जीवंत किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान तीन जून से ही प्रारंभ हो जाएगा। मुख्य अनुष्ठान पांच जून को गंगा दशहरा पर्व पर होगा। परकोटा में भगवान शिव, सूर्य, हनुमान, गणेश, माता भगवती व माता अन्नपूर्णा के मंदिर बने हैं। इन सभी मंदिरों में देव विग्रहों की स्थापना विधिविधान पूर्वक होगी। इसके अलावा राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना की जाएगी।

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साथ ही शेषावतार मंदिर में भी शेषावतार यानी लक्ष्मण की मूर्ति स्थापित की जाएगी। यह मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए जुलाई में खोला जाएगा, जबकि परकोटा के मंदिरों में श्रद्धालु प्राण प्रतिष्ठा के तुरंत बाद दर्शन कर सकेंगे। हालांकि मंदिरों को खोलने का अंतिम निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट लेगा। वहीं सप्त मंडपम के मंदिरों में मूर्ति आसन पर विराजमान कर दी गई है, इनकी प्राण प्रतिष्ठा अभी नहीं होगी।
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14 जोड़े बनेंगे यजमान, तय हो रहा नाम
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए 14 जोड़े यजमान बनेंगे। इनके नाम तय किए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश यजमान स्थानीय होंगे। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि यजमान सुबह आकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होकर शाम तक अपने घर वापस जा सकें। लंबी दूरी के लोगों को यजमान नहीं बनाने का विचार है। यजमान में ज्यादातर जोड़े संघ, विहिप से जुड़े हैं। इनके नाम फाइनल किए जा रहे हैं, एक दो दिन में इन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा। समारोह के लिए अतिथियों को बुलावा भेजा जा रहा है। हालांकि कोई कार्ड आदि नहीं छपा है, केवल एक पत्र भेजकर कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

राम मंदिर में बढ़ेगी पुजारियों की संख्या
राम मंदिर में पुजारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। राम मंदिर में अभी 14 पुजारी पूजन के लिए नियुक्त हैं। दो पालियाें में सात-सात पुजारियों को पूजन-अर्चन का जिम्मा सौंपा गया है। अब राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना होने जा रही है। इसके अलावा परकोटा के छह मंदिरों में भी विभिन्न देव विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इन सभी मंदिरों में रोजाना पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके लिए 20 से अधिक नए पुजारियों की नियुक्ति की जानी है। इन पुजारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा होते ही पुजारियों की नियुक्ति कर पूजा-अर्चना का क्रम शुरू कर दिया जाएगा।

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