बताया जाता है कि इस लॉकर को खोलने की व्यवस्था पूरी तरह बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली पर आधारित है। लॉकर की तीन चाबियां हैं। इनमें एक चाबी वर्तमान में मंदिर संचालन एवं प्रबंधन का दायित्व संभाल रहे नरपत डुकिया के पास है, जबकि अन्य दो चाबियां शैलेंद्र शुक्ल और विंदेश्वरी सिंह के पास सुरक्षित रहती हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक समन्वय के बाद ही लॉकर खोला जाता है।
राम मंदिर के खातों के संचालन की जिम्मेदारी देख रहे राम मंदिर ट्रस्ट के इंजीनियर जगदीश आफले को सचिव बनाया गया है। हांलाकि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ट्रस्ट की ओर से जारी विभिन्न पत्रों में जगदीश आफले को सचिव ही लिखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि आगामी दो सितंबर को होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की प्रशासनिक और धार्मिक व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्रस्ट ने सीए नरपत डुकिया को मंदिर संचालन एवं प्रबंधन (इकाई प्रमुख) की जिम्मेदारी सौंपी है।
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ़ कृष्ण मोहन की ओर से जारी आदेश के अनुसार मंदिर संचालन एवं प्रबंधन का कार्य डुकिया को सौंपा गया है। अब आचार्य इंद्रदेव मिश्र को उनके सहयोगी के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 तक रहेगा। नरपत डुकिया अंतरिम महासचिव के करीबी माने जाते हैं। मंदिर के संचालन एवं प्रबंधन के इकाई प्रमुख हैं।
उनकी जिम्मेदारी मंदिर की समग्र प्रशासनिक व्यवस्था का समन्वय, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, व्यवस्थाओं की निगरानी तथा ट्रस्ट के निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगी। इस नई व्यवस्था के जरिये ट्रस्ट ने प्रशासनिक प्रबंधन और धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारियों को अलग-अलग लेकिन समन्वित ढंग से संचालित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिससे राम मंदिर की व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बन सकें।