लिपिक की मां और परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारी के इस कृत्य को लेकर शनिवार को ही सीआरपीएफ कमांडेंट सुनील कुमार दुबे से मुलाकात करके कार्यवाही कराने की मांग की थी। लिपिक की मौत की सूचना पर रात नौ बजे कमांडेंट भी जिला अस्पताल पहुंचे, जिन्हें लिपटकर लिपिक की मां रोने लगी। उन्होंने भी घटना पर दुख जताया और आरोपी अधिकारी पर कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया।
परिजनों ने अधिकारी से मुलाकात का किया था प्रयास
परिजन अंगद यादव और संजय यादव ने बताया कि अधिकारी से मुलाकात करने के लिए उनके परिवार के लोग तहसील गए थे, लेकिन अधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं की। वह लोग अधिकारी की इस कार्यशैली को लेकर जिलाधिकारी से भी मिलने गए थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
प्रशासनिक अधिकारी पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा- सांसद
घटना की सूचना पर सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे भी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी के कृत्य की निंदा की। सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा किया यह शहीद का अपमान है। ऐसे अधिकारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके शहीद के बेटे को न्याय दिलाया जाए। पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने कहा कि प्रदेश सरकार मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिजन को नौकरी दिलाते हुए आरोपी प्रशासनिक अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।
घटना के बाद धरने पर बैठे सपा सांसद।
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धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद का कहना है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके उसकी कॉपी पीड़ित के परिवारीजनों को सौंप दी जाए। इसके बाद ही धरना खत्म किया जाएगा। पुलिस के अधिकारी सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व मंत्री पवन पांडेय समेत समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि डीएम के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इस पर सांसद ने जवाब दिया कि नगर मजिस्ट्रेट मुकदमा नहीं दर्ज कर सकते, थानेदार को बुलाएं। तहरीर दी जा चुकी है, संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करिए और उसकी कॉपी उपलब्ध कराइए। फिलहाल धरना स्थल पर पुलिस अधिकारी और सांसद के बीच जिरह चल रही है।