अयोध्या विवाद को लेकर एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। संघ, विहिप से लेकर संत-धर्माचार्य जहां शीघ्र राममंदिर निर्माण की मांग बुलंद करने लगे हैं, वहीं शिवसेना भी राममंदिर मुद्दे को गरमाने की तैयारी में जुटी है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही अयोध्या विवाद सुलझाने की मध्यस्थता प्रक्रिया 17 जून से पुन: शुरू होने वाली है। माना जा रहा है कि यह सुलह की अंतिम कोशिश हो सकती है।
मुस्लिम पक्ष का मानना है कि यदि सुलह-समझौते से मामला हल हो जाए तो बेहतर है, वहीं हिंदू पक्ष को पूरी उम्मीद है कि निर्णय उनके ही पक्ष में आएगा।
अयोध्या मामले में आठ मार्च को दशकों से अदालत की चौखट पर घूम रहे अयोध्या विवाद का समाधान बातचीत के जरिए तलाशने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यीय पैनल गठित किया था।
पैनल में रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला, श्रीरामपंचू, श्रीश्री रविशंकर शामिल हैं। कोर्ट ने पैनल को आठ सप्ताह का समय देकर चार सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। दो माह बाद पैनल ने अपनी अंतरित रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी।
इस दौरान पैनल ने दो माह में मामले से जुड़े सभी पक्षों के साथ कई बैठकें कीं। पैनल ने मध्यस्थता की कार्रवाई पूरी करने के लिए शीर्ष अदालत से और समय दिए जाने की मांग की थी जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए पैनल को 15 अगस्त तक का समय दे दिया।
अब पुन: मध्यस्थता की प्रक्रिया 17, 18 व 19 जून को होगी। पैनल ने सभी पक्षों को नोटिस भेजकर बैठक में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
15 को अयोध्या में जुटेंगे देश भर से संत
संत-धर्माचार्य एक बार फिर राममंदिर मंदिर मुद्दा गर्माने की तैयारी में जुट गये हैं। विगत तीन जून को मणिरामदास की छावनी में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद संतों ने शीघ्र राममंदिर निर्माण की हुंकार भरी थी तो वहीं आगामी 15 जून को महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव समारोह में आयोजित होने जा रहे संत-सम्मेलन में देश भर के संत-धर्माचार्य राममंदिर मामले पर चर्चा करेंगे।
संत सम्मेलन के बहाने राममंदिर निर्माण को लेकर संत समाज मोदी सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि संत सम्मेलन का उद्घाटन डिप्टी सीएम केशव मौर्या करेंगे।
संत सम्मेलन में संघ कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज सहित स्वामी चिन्मयानंद, संत समिति अध्यक्ष अविचल दास, ज.गु. शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, ज.गु. रामभद्राचार्य, आचार्य धर्मेंद्र, निर्मल अखाड़ा अध्यक्ष स्वामी ज्ञानदेव सहित नेपाल से भी संत-धर्माचार्य आ रहे हैं।
शरद शर्मा ने कहा कि किसी भी मंच पर जब देश भर के संत जुटेंगे तो राममंदिर पर चर्चा होना लाजिमी है। संत ही नहीं देश का करोड़ों हिंदु अयोध्या में शीघ्र भव्य राममंदिर निर्माण चाहता है।