हर वर्ष दो नवंबर को बलिदानी कारसेवकों की स्मृति में दिगंबर अखाड़ा में विहिप सहित हिंदुवादी संगठन जुटते थे और श्रद्धांजलि अर्पित करते थे, लेकिन इस बार विहिप के लोग कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना भूल गए।
राममंदिर आंदोलन में जान गंवाने वाले शहीदों की उपेक्षा से हिंदूवादी संगठन आहत हैं। दिगंबर अखाड़े में इस वर्ष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन नहीं किया गया। हर वर्ष दो नवंबर को बलिदानी कारसेवकों की स्मृति में दिगंबर अखाड़ा में विहिप सहित हिंदुवादी संगठन जुटते थे और श्रद्धांजलि अर्पित करते थे, लेकिन इस बार विहिप के लोग कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना भूल गए। 1992 की कारसेवा में शामिल रहे हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय बलिदानी कारसेवकों की घोर उपेक्षा व अपमान से बुरी तरह व्यथित हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह मामला स्वत: संज्ञान में लेते हुए इन परिवार वालों के आवास पर पहुंचकर स्थिति खुद देखनी चाहिए। भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष अधिवक्ता राजीव कुमार शुक्ला ने कारसेवकों की की जा रही घोर उपेक्षा को बेहद शर्मनाक पूर्ण व दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पांडेय द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा जल्द ही मुख्यमंत्री से समय लेने का प्रयास किया जा रहा है , बलिदानी कारसेवकों की बदहाल आर्थिक स्थिति एवं बुनियादी सुविधाओं को देने के विषय के साथ-साथ बलदानी कारसेवकों के परिवारों में एक व्यक्ति को नौकरी देने जैसी बातें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।