मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में चल रहीं 19 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर को जाने वाले तीनों मार्गों की डीपीआर पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि तीनों ही सड़कों के प्लान में यात्री सुविधाओं का सर्वथा अभाव है। तीनों मार्ग अयोध्या की गरिमा के अनुकूल नहीं है। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने तीनों मार्गों के लिए नई डीपीआर बनाकर शासन को भेजी है। जिसके अनुसार अब यह तीनों रास्ते अब स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किए जाएंगे।
अयोध्या में राममंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में बदलती अयोध्या देखने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। रामनगरी में भारी भीड़ को देखते हुए राममंदिर जाने वाले तीन मुख्य मार्ग सहादतगंज-नयाघाट, शृंगारहाट-रामजन्मभूमि व सुग्रीव किला-रामजन्मभूमि को फिर से विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत तीनों सड़कों के चौड़ीकरण व इन पर अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना बनी है। मुख्यमार्ग के चौड़ीकरण को लेकर चिह्नांकन भी शुरू हो गया है। इस बीच अयोध्या के विकास की योजनाओं की समीक्षा करने शुक्रवार को पहुंचे मुख्यमंत्री ने तीनों सड़कों के डीपीआर को अव्यावहारिक बताया और कहा कि ये सड़कें अयोध्या की गरिमा के अनुकूल विकसित होनी चाहिए। इस पर एडीए ने तीनों सड़कों की नयी डीपीआर बनाकर भेजी है। इसके अनुसार अब यह तीनों सड़कें अयोध्या की गरिमा के अनुकूल स्मार्ट रोड के रूप में विकसित की जाएंगी। इन मार्गों पर आधुनिक यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
रामपथ, जन्मभूमिपथ व भक्ति पथ होगा मार्गों का नाम
रामजन्मभूमि जाने वाले तीनों रास्ते रामपथ, रामजन्मभूमि पथ व भक्तिपथ के नाम से जाने जाएंगे। सहादतगंज से नयाघाट तक जाने वाले मार्ग को रामपथ, सुग्रीव किला से रामजन्मभूमि मार्ग को जन्मभूमि पथ व शृंगारहाट से जन्मभूमि मार्ग को भक्तिपथ कहा जाएगा। इन तीनों मार्गों का न सिर्फ चौड़ीकरण होगा बल्कि पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। पैदल पथ बनेंगे, वॉटर ड्रेनेज की आधुनिक सुविधा होगी। मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बस शेल्टर, बस स्टॉप, ई-टायलेट्स, बैठने के लिए बेंच व कूड़ादान की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही तीनों मार्गों पर हरियाली भी विकसित की जाएगी।
ये हैं राममंदिर जाने वाले तीनों रास्ते
रामपथ-सहादतगंज से नयाघाट-लंबाई 13.00 किमी.
जन्मभूमिपथ-सुग्रीव किला से श्रीराममंदिर-लंबाई 2.00 किमी.
भक्तिपथ-शृंगारहाट से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर-लंबाई 0.75 किमी.
राममंदिर जाने वाले तीनों रास्तों पर सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नये डीपीआर के हिसाब से सड़कों का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि आगे कोई भी नई सुविधा देने के लिए सड़क न खराब हो, खासकर केबल या पाइपलाइन डालने के लिए। यहां पैदल पथ बनेंगे, वॉटर ड्रेनेज की आधुनिक सुविधा होगी। बस स्टॉप, ई-टायलेट्स व बैठने के लिए बेंच भी होंगी।
-नितीश कुमार, जिलाधिकारी
रामजन्मभूमि जाने वाले तीनों मार्ग अयोध्या की गरिमा के अनुकूल विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने इन तीनों रास्तों को विकसित करने के लिए जो पुराना डीपीआर तैयार किया गया था, उस पर नाराजगी जताई थी। उनकी मंशा के अनुसार ही तीनों मार्गों का नया डीपीआर बनाकर शासन को भेजा गया है। तीनों पथ अब स्मार्ट रोड के रूप में विकसित होंगे, आधुनिक सुविधाएं भी इन मार्गों पर होंगी।
-विशाल सिह, उपाध्यक्ष, एडीए