नगर कोतवाली क्षेत्र में महिला आरक्षी को बंधक बनाकर जानलेवा हमला, छेड़छाड़ व शादी का दबाव बनाने के मामले में नामजद सिपाही पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस अभी जांच-जांच खेल रही है। महिला आरक्षी से जोर-जबरदस्ती का वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।
औरैया निवासी महिला आरक्षी नगर कोतवाली में तैनात है। उन्होंने दर्ज एफआईआर में बताया कि सिपाही अंकित कुमार यादव से उनकी जान-पहचान ड्यूटी के दौरान हुई थी। सरकारी कामकाज के सिलसिले में उनकी आपस में बातचीत होने लगी। इस बीच सिपाही उन पर शादी का दबाव बनाने लगा। 23 मई से लेकर अब तक विभिन्न तिथियों में सिपाही ने विभिन्न जगहों पर उनके साथ मारपीट की। बंधक बनाया और छेड़छाड़ की। शादी न करने पर आत्महत्या करके फंसा देने की धमकी भी दी।
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महिला आरक्षी ने नगर कोतवाली में तहरीर दी तो पुलिस ने 23 जून को आरोपी सिपाही के खिलाफ जानलेवा हमला, छेड़छाड़ और अपहरण समेत 10 धाराओं में केस दर्ज किया, लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बाइक पर बैठकर सिपाही महिला आरक्षी से जोर-जबरदस्ती करते देखा जा रहा है। हालांकि, अमर उजाला व संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस अधिकारी भी मामले में कुछ साफ बोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि जब महिला आरक्षी को कार्रवाई के लिए इतना संघर्ष करना पड़ रहा है तो आम नागरिकों को मिलने वाले न्याय का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
सिस्टम का हाल: प्रभारी निरीक्षक अश्विनी पांडेय ने बताया कि वीडियो सामने आया है। सत्यता जांचने के लिए विवेचक को भेजा गया है। सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। उसके बाद ही सिपाही को कोर्ट में पेश किया जाएगा। केस दर्ज होने के 48 घंटे के भीतर सिपाही पर निलंबन की बात पूछने पर उन्होंने टाल दिया और कहा कि वह हैदरगंज थाने में तैनात है। वहीं, एसएसपी राजकरन नय्यर के सीयूजी और व्यक्तिगत नंबरों पर फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।