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अयोध्या: 14 कोसी परिक्रमा पूरी, मंदिरों में उमड़ा आस्था का समुद्र, 22 लाख श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा

Wed, 22 Nov 2023 07:12 AM IST
रोहित मिश्र संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या

सार

कार्तिक शुक्ल पक्ष अक्षय नवमी तिथि से शुरू होने वाला कार्तिक पूर्णिमा व परिक्रमा मेला सोमवार की देर रात शुरू हुआ। हालांकि परिक्रमा आरंभ करने का मुहूर्त रात 2:09 बजे से थे लेकिन रात 9 बजते-बजते श्रद्धालुओं का कारवां परिक्रमा पथ पर उमड़ने लगा।
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14 कोसी परिक्रमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 14 कोसी परिक्रमा के साथ शुरू हुआ कार्तिक मेला मंगलवार को पूरे शबाब पर पहुंच गया। सोमवार की रात शुरू हुई परिक्रमा पूरी हो गई। 42 किलोमीटर की परिधि में जुड़वा शहर मानव श्रृंखला से घिरा रहा। परिक्रमा पूरी होने के साथ आस्था का समुद्र सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ने लगा। देर शाम तक दर्शनार्थियों की भीड़ से समूचा मेला क्षेत्र गुलजार रहा। प्रशासन का दावा है कि करीब 22 लाख श्रद्धालुओं ने 14 कोसी परिक्रमा की है। बुधवार रात से पंचकोसी परिक्रमा का शुभारंभ होगा।

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कार्तिक शुक्ल पक्ष अक्षय नवमी तिथि से शुरू होने वाला कार्तिक पूर्णिमा व परिक्रमा मेला सोमवार की देर रात शुरू हुआ। हालांकि परिक्रमा आरंभ करने का मुहूर्त रात 2:09 बजे से थे लेकिन रात 9 बजते-बजते श्रद्धालुओं का कारवां परिक्रमा पथ पर उमड़ने लगा। मध्य रात्रि होते-होते लगभग 42 किलोमीटर से अधिक की परिधि में अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहर को समेटे परिक्रमा पथ परिक्रमार्थियों की मानव श्रृंखला से बंध गया। प्रशासन का कहना है कि परिक्रमा मंगलवार की शाम करीब सात बजे तक चली। मंगलवार को पूरे दिन भक्त परिक्रमा पथ नापते नजर आए।

वहीं परिक्रमा पूरी होते ही परिक्रमार्थियों की भीड़ पुण्य सलिला सरयू में डुबकी लगा स्नान-दान कर प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुट गई। प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन के साथ श्रीराम जन्मभूमि पर भोर से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। मंगलवार होने के नाते सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में भीड़ का दबाव सबसे ज्यादा रहा। मंदिर सुबह 3 बजे से ही खोल दिया गया था। सुबह सात बजते-बजते भारी भीड़ के दबाव से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में सभी बैरियर गिराकर भीड़ नियंत्रण के लिए श्रद्धालुओं को जत्थे में दर्शन के लिए भेजा गया। दूसरी बेला होते-होते मेला क्षेत्र से श्रद्धालुओं को वापसी शुरू होने लगी।
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नाम संकीर्तन से गूंजते रहे सरयू के घाट
 सुबह के करीब 8 बजे थे, पूरा सरयू तट जयकारों से गूंज रहा था। घाटों पर तिल रखने की जगह नहीं थी। लाखों श्रद्धालु पुण्यार्जन की होड़ में घाटों पर बढ़े चले जा रहे थे। कुछ स्नान कर परिक्रमा शुरू करने की तैयारी में थे तो कुछ परिक्रमा पूरी करने के बाद स्नान करने आ रहे थे। हरिकीर्तन करते श्रद्धालुओं की भीड़ से घाटों पर सरयू की लहरों का प्रवाह तो था ही,आस्था का भी प्रवाह नजर आ रहा था। जल पुलिस कर्मी ध्वनि प्रसारक यंत्रों के जरिए गहरे पानी में स्नान न करने की लगातार हिदायत दे रहे थे।

वापसी के लिए जद्दोजहद करते दिखे श्रद्धालु
14 कोसी परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालु वापसी के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। नया घाट हाईवे पर वाहनों का काफिला लगा रहा। परिक्रमा पूरी करने के बाद यहां घर वापसी के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटी नजर आई। इसी तरह मंगलवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का रेला उमड़ा। अयोध्या से वाराणसी और अयोध्या से लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की जबरदस्त भीड़ रही। जनरल और रिजर्व दोनों बोगियों में एक जैसा नजारा दिखा। अयोध्या-मनकापुर इंटरसिटी ट्रेन में भी यात्रियों की काफी भीड़ दिखी।

24 हजार ने किए रामलला के दर्शन
अयोध्या। रामलला के दरबार में भी दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। दोनों पालियों में 24 हजार भक्तों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। पहली पाली में जहां 11 हजार तो दूसरी पाली में 13 हजार भक्त रामलला की पूजा-अर्चना करने पहुंचे। श्रद्धालुओं में मंदिर निर्माण का साक्षी बनने की भी होड़ दिखी।

अब पंचकोसी परिक्रमा बुधवार रात 9:25 बजे से
14 कोसी परिक्रमा सकुशल समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। वहीं, अब पंचकोसी परिक्रमा की तैयारी शुरू कर दी गई है। पंच कोसी परिक्रमा का शुभ मुहूर्त 22 नवंबर की रात 9:25 बजे से है। परिक्रमा 23 नवंबर की शाम 7:21 बजे तक चलेगी। यह परिक्रमा रामनगरी की 15 किलोमीटर की परिधि में होती है। प्रशासन ने अब पंचकोसी परिक्रमा पथ को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। पथ पर साफ-सफाई, प्रकाश व बैरीकेडिंग व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सड़कों पर बालू बिछाने और पानी छिड़काव का काम चल रहा है।
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