18 जून को उद्धव ठाकरे के दौरे से पहले शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। वहां उन्होंने संतों से भेंट कर मंदिर मुद्दे पर चर्चा की।
उन्होंने यह साफ किया कि अगले चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा नहीं रहेगा क्योंकि राम मंदिर इसी कार्यकाल में बनेगा। संजय बोले, अगर ऐसा नहीं हुआ तो लोग हमें माफ नहीं करेंगे। राम मंदिर के लिए कानून बने या ना बने, भारी जनादेश है, और जनादेश के सामने सबको झुकना पड़ता है। चाहें वह विश्व का कोई भी न्यायालय क्यों न हो, उसे झुकना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर देखना चाहती है। धारा 370 समान नागरिक संहिता का भी मुद्दा है लेकिन राम मंदिर मुद्दा अहम है।
भाजपा से शिव सेना के रिश्ते पर पूछे गए सवाल के जवाब में संजय बोले कि रिश्ते पहले भी अच्छे थे और अब भी अच्छे हैं। कुछ मनमुटाव था, जो अब नहीं है। अच्छे रिश्ते से अगर देश का निर्माण होता है, मंदिर का निर्माण होता है तो हम खुश हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार 303 सांसद भाजपा के हैं और 18 हमारे हैं। ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए और क्या चाहिए। संजय ने बताया कि 2020 में राज्यसभा में भारी बहुमत होगा। राम मंदिर, धारा 370, समान नागरिक संहिता व जनसंख्या नियंत्रण, यह सभी हमारे मुद्दे रहेंगे। पूरा बहुमत मिलने के बाद हम इन्हीं मुद्दे पर काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब अमित शाह गृहमंत्री बन गए हैं। वे प्रखर राष्ट्रभक्त व हिंदुत्ववादी हैं। हम मंदिर पर चर्चा जरूर करते हैं लेकिन इसका मकसद श्रेय लेना नहीं है। संजय बोले, राम मंदिर मोदी और योगी के नेतृत्व में बने। हम राम भक्त बन कर उनके साथ बैठेंगे। साथ ही उद्धव जी खुद आएंगे यहां कार सेवा करने।