फेसबुक पर डाला वीडियो, कब्जा करने के समर्थन में पोस्ट विधायक अमरेश कुमार रावत ने इस मामले में अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो भी पोस्ट किया है। पोस्ट में लिखा है कि कुछ अराजकत तत्वों ने सेक्टर संयोजक राकेश सिंह की दुकान को तोड़ दिया है। एसडीएम की तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। खास ये है कि विधायक के अनुसार कार्रवाई अराजक तत्व ने की, जबकि वास्तव में कार्रवाई प्रशासन ने जांच के बाद की है।
भवन के आसपास गुमटी रखने में क्या दिक्कत ग्रामीणों व प्रधान का कहना है कि पंचायत भवन के आसपास पूरी जमीन ग्राम समाज की है। आरोप लगाया कि गुमटी रखने का मकसद जमीन पर कब्जा करना। इसलिए विरोध किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जब पुलिस मौके पर पहुंची तो अमरेश कुमार रावत और भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कुमार मौर्य ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को दोनों नेता गुमटी रखवाने के लिए पहुंचे, लेकिन सफल नहीं हो सके।
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भवन के आसपास गुमटी रखने में क्या दिक्कत: ग्रामीणों व प्रधान का कहना है कि पंचायत भवन के आसपास पूरी जमीन ग्राम समाज की है। आरोप लगाया कि गुमटी रखने का मकसद जमीन पर कब्जा करना था, इसीलिए विरोध किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जब पुलिस पहुंची तो भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना था कि भवन के गेट के बजाय असके आसपास गुमटी रखने में क्या ही दिक्कत होगी।
विधायक अमरेश कुमार रावत ने इस मामले में अपने फेसबुक से एक वीडियो भी पोस्ट किया है। पोस्ट में लिखा है कि कुछ अराजक तत्वों ने सेक्टर संयोजक राकेश सिंह की दुकान को तोड़ दिया है। एसडीएम को तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। खास ये है कि विधायक के अनुसार कार्रवाई अराजक तत्व ने की, जबकि वास्तव में कार्रवाई प्रशासन ने जांच की बाद की है।
भाजपा विधायक अमरेश कुमार रावत ने बताया कि गुमटी बहुत पहले से रखी थी। अगर गलत थी तो नोटिस देकर समय देना चाहिए था। जैसे कार्रवाई की गई वह पूरी तरह से गुंडई है। टीम के साथ अन्य कुछ लोगों ने भी मिलकर सामान फेंका और भट्ठी आदि तोड़ी। ये सरासर गलत है। मैंने एसओ और एसडीएम से बात भी की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष विजय कुमार मौर्य के अनुसार 1990 से गुमटी रखी थी। वर्तमान ग्राम प्रधान ने उसी गुमटी के पीछे पंचायत भवन का गेट बनवा दिया। जिससे गुमटी हटवाई जा सके। अराजकता के साथ कार्रवाई की गई। मैंने कहा है कि कोई वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।
मोहनलालगंज के एसडीएम अंकित शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की गई थी। जांच में पंचायत भवन के पास अवैध कब्जा व अतिक्रमण पाया गया था। पुलिस के सहयोग से राजस्व की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसको हटाया था।