हमले में घायल हुए शिक्षक एसबी मलैया
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लखनऊ विश्वविद्यालय में कुलपति, प्रॉक्टर और शिक्षकों से मारपीट का मामला शांत पड़ता, इससे पहले सोमवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्र्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में असिस्टेंट प्रोफेसर को उनके शोध छात्र ने पीट दिया। पुलिस ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज कर छात्र को गिरफ्तार कर लिया। तहरीर में प्रो. एनएमपी वर्मा और प्रो. सनातन नायक के भी नाम हैं। इन पर शोध छात्र को उकसाने का आरोप है। उधर, परिसर में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई है। कुलपति के आदेश के बाद आरोपी छात्र का परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर एलसी मलैया शाम चार बजे कार्यालय में अकेले बैठे थे। इसी बीच शोध छात्र संजय उपाध्याय अपनी पीएचडी लेकर पहुंचा। डॉ. मलैया का आरोप है कि छात्र उन पर दबाव बनाने लगा कि थीसिस पर हस्ताक्षर कर उसे जमा कर लिया जाए, ताकि उसे जल्द डिग्री अवार्ड हो सके। इसे लेकर बहस शुरू हो गई और संजय उन्हें पीटने लगा। इस बीच गार्डों ने प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा व पुलिस को सूचित कर दिया।
अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूछताछ कर रहे थे। इस बीच काफी संख्या में शिक्षक समर्थक छात्रों ने विभाग को घेर लिया। डरे संजय उपाध्याय ने खुद को कंप्यूटर लैब में बंद कर लिया। इसके बाद खुद ही पुलिस को सूचित किया कि उसे खतरा है। सूचना पर सीओ कैंट तनु उपाध्याय काफी पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंची। उन्होंने विभाग के बाहर एकत्र छात्रों को हटाया। जब वह संजय को ले जाने लगी तो छात्रों से उनकी नोकझोंक भी हुई।
हालांकि पुलिस ने लड़कों को वहां से हटा दिया। इसके बाद डॉ. मलैया को पहले विश्वविद्यालय के चिकित्सा केंद्र और फिर थाने ले जाया गया। पुलिस ने दोनों का डॉक्टरी परीक्षण कराया और डॉ. मलैया की तहरीर पर केस दर्ज कर संजय को गिरफ्तार कर लिया।