यूपी एटीएस ने जनवरी में गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एटीएस ने जिन 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उसमें तीन चीनी नागरिक भी शामिल हैं।
एटीएस की ओर से अदालत को बताया गया है कि इन लोगों ने हजारों फर्जी पतों पर सिमकार्ड हासिल कर भारत और चीन में बैठकर साइबर एवं आर्थिक अपराध किया। एटीएस ने अपनी 2151 पन्नों की चार्जशीट में कोर्ट को बताया है कि किस तरह यह अपराधी भारतीय नंबरों पर आया ओटीपी चीन में बैठकर संचालित करते थे और लोगों से ठगी करते थे। इन लोगों द्वारा आनलाइन खाते खोले जाते थे और कार्डलेस ट्रांजक्शन किया जाता था।
एटीएस ने जिन 3 चीनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उसमें जू जुंगफू, ली टेंग ली और सुन जी यिंग शामिल हैं। इसके अलावा जो 14 भारतीय नागरिक हैं उसमें संभल का सैमुल हसन, मोहम्मद फहीम, हरिओम अरोड़ा, चंद्र किशोर प्रजापति, पीयूष वाष्र्णेय, प्रशांत गुप्ता, तरुण सूर्या, प्रेम सिंह, बदायूं का अशुंल सक्सेना, नई दिल्ली का विशाल गुप्ता, उमंग त्यागी, सोनू उर्फ लोकेश, विशेष शर्मा उर्फ विशू और हरियाणा के रोहतक का हर्ष कौशिक शामिल है। एटीएस ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि इन अभियुक्तों ने संगठित गिरोह बनाकर अपने आर्थिक लाभ साइबर अपराध था उसके माध्यम से अन्य आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे थे।
इन दो के खिलाफ जारी किया गया है ब्लू कार्नर नोटिस और लुक आउट नोटिस
एटीएस की ओर से अदालत को बताया गया है कि इस मामले में दो अन्य चीनी नागरिकों की तलाश यूपी एटीएस को है। यह दोनों ही चीन में हैं। इसमें एक जुनवी हान उर्फ जेम्स और दूसरी युन ते तियान उर्फ वीविया है। दोनों मौजूदा समय में चीन में हैं। इन दोनों के खिलाफ यूपी एटीएस ने गिरफ्तारी के लिए ब्लू कार्नर नोटिस और लुक आउट नोटिस जारी करा दी है।