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देश की सुरक्षा में सेंध लगाकर हर महीने कमाते थे एक करोड़, एटीएस ने तीन को दबोचा

Tue, 14 Nov 2017 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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देश की सुरक्षा को सेंध लगाने वाला एक और अवैध एक्सचेंज सोमवार को लखनऊ में पकड़ा गया। यह गिरोह भी शनिवार को दबोचे गए गिरोह की तरह अंतरराष्ट्रीय कॉल को इंटरनेट के जरिये लोकल में बदलकर पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बात कराकर मोटी कमाई कर रहा था।
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एटीएस ने हजरतगंज के नरही में चल रहे इस अवैध एक्सचेंज से गिरोह के तीन लोगों को दबोचा है। एटीएस ने तीनों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज कराया है। इनसे पूछताछ की जा रही है।

पांच सिम बॉक्स व 110 सिम बरामद
एटीएस के आईजी असीम अरुण के मुताबिक देश की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले इस गिरोह की सूचना काफी दिनों से थी। गिरोह के बारे में सुराग लगाए जा रहे थे। सारे तथ्य जुटाए जाने के बाद सोमवार देर शाम को नरही में छापेमारी कर लखनऊ दुबग्गा के रहने वाले असद उर्फ अरशद उर्फ असदुल्लाह, नजरबाग के अबू बकर और बाराबंकी सतरिख के विजय यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।  इन सभी केपास से पांच सिम बॉक्स के अलावा 110 सिम बरामद किए गए।
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इस‌लिए है गंभीर चिंता की बात

आरोपी असद, अबू बकर और विजय यादव हुए गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
पूरे प्रदेश में फैला है अवैध एक्सचेंज नेटवर्क
एटीएस के अफसरों के मुताबिक इस गिरोह का नेटवर्क पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। गिरोह के कुछ सदस्य खाड़ी देशों में भी हैं। उनके बारे में भी सुराग जुटाए जा रहे हैं।

दुबई से लौटा असद है सिम बॉक्स मुख्य सप्लायर
आईजी असीम अरुण ने बताया कि सिम बॉक्स की आपूर्ति असद कर रहा था। वह काफी दिनों दुबई में रहा था। अब तक जो जानकारियां सामने आई हैं उसके मुताबिक असद वहां पर भी सिम बॉक्स से ही जुड़े काम कर रहा था। असद मथुरा के गोविंदनगर थाने में भी अपराध को लेकर भी वांछित है। हाल ही में वह लखनऊ वापस आया। उसने ही सिम बॉक्सेज अबू बकर को मुहैया कराया था।

...और तैयार हो गया एक्सचेंज, हर महीने एक करोड़ तक की कमाई
असद ने जो सिम बॉक्सेज मुहैया कराए वह नरही के अबू बकर के घर में लगाया गया। यह अवैध एक्सचेंज चल निकला। एटीएस के अफसरों के मुताबिक यह गिरोह हर महीने करीब एक करोड़ रुपये की कमाई कर सुरक्षा में सेंध लगाने के साथ ही राजस्व को चूना लगा रहा था।
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अपनी ही दुकान से सिम की सप्लाई

- फोटो : amar ujala
आईजी के मुताबिक विजय यादव की जानकीपुरम में मोबाइल शॉप भी है। इसी दुकान से असद और अबू बकर सिम कार्ड खरीदते थे। सभी सिमकार्ड फर्जी दस्तावेज पर खरीदे जाते। इन सिमकार्ड में अनलिमिटेड फ्री कॉल के पल्स रेट का वाउचर डलवाकर सिम बॉक्सेज के जरिए आईएसडी कॉल को लोकल में कनवर्ट कर बात कराई जाती थी।

रोजाना 800 से 1000 कॉल कराते थे
एटीएस के मुताबिक यह गिरोह नरही के अवैध एक्सचेंज से प्रतिदिन 800 से 1000 कॉल कराता थे। इसके एवज में 5 से 14 रुपये तक की वसूली करता था।

टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारी-अफसर भी शामिल
आईजी के मुताबिक इस काम में कुछ टेलीकॉम कंपनियों कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हैं। उनकी भी कुंडली खंगाली जा रही है।
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