योगी सरकार ने पहली कार्रवाई अखिलेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में अनियमितता मिलने पर की है। इसमें सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार को निलंबित किया गया है। यह जानकारी सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर की गंडक और ऐरच सिंचाई परियोजनाओं की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश में तालाबों के संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए तालाब विकास प्राधिकरण और मुख्यमंत्री सिंचाई फंड की स्थापना की जानकारी भी दी।
गोमती नदी चैनलाइजेशन परियोजना के लिए 656 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमोदित की गई थी, जो बाद में पुनरीक्षित होकर 1513 करोड़ हो गई। पुनरीक्षित लागत 1513 करोड़ रुपये में से अब तक 95 प्रतिशत धनराशि व्यय हो जाने के बावजूद परियोजना का 60 प्रतिशत काम ही अभी तक पूरा हुआ है।
इसके अलावा गोमती के जल को प्रदूषण मुक्त करने के बजाय तमाम गैर जरूरी कार्यों पर अत्यधिक धनराशि खर्च कर दी गई। राज्य सरकार ने इस परियोजना में हुए कामों की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति भी गठित कर दी है।
शुरुआती जांच में मिले दोषी
गोमती रिवर फ्रंट
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में सहायक अभियंता अनिल कुमार दोषी मिले। गंडक और ऐरच परियोजना में भी इंजीनियर आरपी यादव के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। संबंधित जांच अधिकारी को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सिंचाई मंत्री ने बताया कि सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त मिलेंगे, उनसे नुकसान की राशि की वसूली भी होगी। 15 जून तक बाढ़ रोधी कार्य पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हर जिले में सिंचाई बंधु तैनात किए जाएंगे, जो सिंचाई परियोजनाओं पर निगाह रखेंगे। हाल ही में जेई से एई बनाए गए 220 इंजीनियरों को इच्छानुसार विकल्प भरवाकर तैनाती दे दी गई है ताकि ट्रांसफर में किसी तरह का भ्रष्टाचार न हो सके।
कहा, जो तटबंध बार-बार टूट रहे हैं, उनके बारे में रिपोर्ट मंगाई गई है। बताया कि विभाग में सभी भर्तियां उप्र लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से होंगी। उन्होंने कई और जानकारियां भी दीं।
इन योजनाओं पर हो रहा काम
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- सरयू नहर, बाणसागर, अर्जुन सहायक, मध्यगंगा, भौरट, कनहर, ऐरच, जिरगों हुसैनपुर लिंक और जसौली पंप कैनाल परियोजना पूरी करने पर 2512.7295 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- अर्जुन सहायक, सरयू और बाणसागर नहर परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने बजट जारी किया।
- पानी की कमी वाले बुंदेलखंड और विंध्याचल में सोलर पावर का इस्तेमाल करते हुए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई के लिए परियोजना शुरू की जाएगी।
- हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए दो हजार करोड़ रुपये से मुख्यमंत्री सिंचाई फंड की स्थापना होगी।
- चालू वित्त वर्ष में 4300 किलोमीटर रजबहा और 6000 किलोमीटर लंबाई में अल्पिका में सिल्ट सफाई का काम होगा।
- नाबार्ड पोषित नवीन राजकीय नलकूप निर्माण परियोजना के तहत 2000 राजकीय नलकूपों का निर्माण प्रस्तावित है। 6000 नलकूपों का आधुनिकीकरण होगा।
- बाढ़ प्रभावित जिलों में 217 परियोजनाएं चालू हैं। गोंडा में एल्गिन चरसड़ी तटबंध, सिद्धार्थनगर में अशोगवां नगवां तटबंध और बलिया में दुबेछपरा टेंगरही तटबंध की पुनर्स्थापना के लिए परियोजना तैयार कर ली गई है। एल्गिन चरसड़ी तटबंध के लिए 97.35 करोड़ की परियोजना जीएफसीसी से स्वीकृत करा ली गई है।
-चार हजार किमी लंबे ड्रेनों की सफाई कराकर जल प्लावन की स्थिति से बचाया जाएगा।