वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के चलते 1 लाख 81 हजार 960 डीलरों की मॉर्किंग नहीं हो पाई है। इस वजह से इनका पिछले वित्तीय वर्ष का असेसमेंट नहीं हो पाया है, जिससे उनका कर निर्धारण लटका है। इसके मदद्ेनजर विभाग ने इन डीलरों के टर्नओवर की मॉर्किंग कराने का फैसला किया है। इसके लिए वाणिज्य कर आयुक्त ने सभी जोन के एडिशनल व ज्वॉइंट कमिश्नरों को 50 लाख के कम और 50 लाख से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों की अलग-अलग मार्किंग कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाह अधिकारियों को दंडित करने की हिदायत दी है।
दरअसल ‘मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008’ के तहत वर्ष 20-21 के उन डीलरों को असेसमेंट से छूट दी गई थी जिनका वार्षिक टर्नओवर 50 लाख से कम है। लेकिन उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया था कि बहुत से ऐसे डीलर हैं जो कम टर्नओवर दिखाकर असेसमेंट कराने से बच रहे हैं। डीलरों की मार्किंग के लिए मुख्यालय स्तर से 31 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती से इस तारीख तक 1 लाख 81 हजार 960 डीलरों का असेसमेंट नहीं हो पाया है।