लखनऊ। इटौंजा सीएचसी की एक आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिला को इलाज के बहाने माल रोड स्थित निजी अस्पताल ले गई, जहां ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। बच्चा तो स्वस्थ रहा, लेकिन महिला की हालत बिगड़ गई।
पीड़ित पति रिंकू का आरोप है कि बिना जानकारी दिए पत्नी को दूसरे अस्पताल भेजा गया। विरोध करने पर अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। रिंकू ने किसी तरह पत्नी को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज जारी है। इस मामले में पीड़ित ने सीएचसी अधीक्षक और थाने में शिकायत दी है। अफसरों ने जांच का आश्वासन दिया है।