बहराइच के पयागपुर में कोरोना काल में मेडिकल उपकरणों की खरीद के नाम पर जमकर धांधली की गई है। एक ग्राम पंचायत में अधिकारियों ने 6004 रुपये के उपकरण खरीदे हैं। इसी तरह कुल 72 ग्राम पंचायतों में मेडिकल उपकरणों की खरीद कर ली गई है।
धांधली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिना कोटेशन और टेंडर के ही मेडिकल उपकरणों की खरीद कर ली गई। इससे ग्राम प्रधानों में भी आक्रोश है। इसकी जानकारी ग्राम प्रधानों को नहीं है। अब भुगतान के लिए ग्राम पंचायतों पर दबाव बनाया जा रहा है।
इसको लेकर प्रधान संघ के अध्यक्ष ने सवाल उठाए हैं। पयागपुर प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रतिनिधि गिरीश चंद्र शुक्ला का कहना है कि बिना सूचना के ही पंचायत निधि से सामान की खरीद ली गई। अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके लिए आंदोलन किया जाएगा।
सुल्तानपुर जिले में कोरोना किट (पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर व सैनिटाइजर) की आपूर्ति का भुगतान शासनादेश जारी होने के बाद भी होता रहा। भुगतान के लिए इसकी मॉनीटरिंग पंचायतराज विभाग के शासकीय व्हाट्स एप ग्रुप से होती रही। ग्राम पंचायतों से भुगतान कराने के लिए एडीओ पंचायतों पर दबाव बनाया जाता रहा।
लंभुआ भाजपा विधायक देवमणि ने अपनी शिकायत में पंचायतराज विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप पर की जा रही मॉनीटरिंग का उल्लेख किया है। फिलहाल डीएम सी. इंदुमती ने पिछले दिनों जारी सूचना व बयान में कहा है कि शासनादेश जारी होने के पहले ही 304 ग्राम पंचायतों ने भुगतान कर दिया था। शासनादेश की जानकारी मिलने के बाद भुगतान पर रोक लगा दी गई।