राह चलती लड़कियों को छेड़ने वाले शोहदे अब बच नहीं पाएंगे। लड़कियां छेड़खानी की शिकायत कर पाएं इससे पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से पुलिस को इसकी सूचना मिल जाएगी। पुलिस मौके पर पहुंच कर शोहदों से निपट लेगी। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी। वे लखनऊ विश्वविद्यालय के तिलक हॉल में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कमिश्नर ने बताया कि शहर में 200 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां छेड़छाड़ की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इन स्थानों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस कैमरे लगाए जाएंगे। जब भी लड़कियों के साथ छेड़खानी होती है, उनके चेहरे की भाव भंगिमा बदल जाती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस वाले कैमरे इसकी तस्वीर खींचकर पुलिस कंट्रोल रूम भेज देंगे। इसके बाद तुरंत इसे नजदीकी थाने में भेज दिया जाएगा। इस तरह से शोहदों को तुरंत दबोच लिया जाएगा। ठाकुर ने महिला सुरक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में यूपी पुलिस और यूपी सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि यूपी पुलिस लगातार आपातकालीन लाइनों 112 और 1090 की प्रतिक्रिया समय को कम करने की दिशा में काम कर रही है, जो विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित हैं।
कई छात्राओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रावधानों के बारे में पूछा। कहा कि एक महिला के पास संचार का कोई साधन नहीं है और कोई खतरा पैदा होता है तो क्या करना है। पुलिस कमिश्नर ने सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही। ठाकुर ने यह भी कहा कि हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है संपूर्ण समाज की सोच में बदलाव, और कैसे यह बदलाव इसके साथ शुरू होगा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को तेजी से जवाबदेह बनाया जा सके। इस मौके पर आईपीएस प्राची सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. पूनम टंडन, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. नलिनी पांडेय और प्रोवोस्ट डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज समेत अन्य के बीच तिलक हॉल में रहने वाली छात्राएं उपस्थित थीं।