जैसे-जैसे अजीत सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझती जा रही है, उसका दायरा बढ़ता जा रहा है। पूर्वांचल के चर्चित विधायक हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी गवाह अजीत की हत्या का कनेक्शन अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अंडरवर्ल्ड से जुड़ गया है।
घायल शूटर राजेश तोमर का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों का मानना है कि अजीत की हत्या प्रदेश में बाहुबली मुख्तार अंसारी की सत्ता खत्म करने की एक कड़ी है।
इससे पहले बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की सुनील भाटी के जरिये हत्या कराई गई थी, जबकि राजधानी में मुन्ना के साले पुष्पजीत और उसके खास तारिक की हत्या में पूर्वांचल के बाहुबली का नाम सामने आ चुका है।
पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल के माफिया का कमाई का तरीका काफी अलग है, लेकिन मुख्तार का नेटवर्क तोड़ने के लिए कुछ साल पहले दोनों साथ आ गए थे।
इन्हें साथ करने में पुलिस के एक अधिकारी की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अजीत की हत्या ने पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया सरगनाओं का गठजोड़ सामने ला दिया है।
राजधानी में गैंगवार और अजीत सिंह की हत्या, घायल शूटर का इलाज कराने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के सहायता करने तथा शूटर के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर सुनील भाटी का करीबी होने में पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां कई समीकरण तलाश रही हैं।
चूंकि अजीत बाहुबली मुख्तार अंसारी से जुड़ा था, इसलिए उसकी मौत को पूर्व में बागपत जेल में मारे गए मुख्तार के करीबी रहे मुन्ना बजरंगी व पुष्पजीत सिंह और तारिक की हत्या की कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मुख्तार के वर्चस्व और कोयले व रेलवे के ठेकों में एकाधिकार खत्म करने तथा संदेश देने के लिए पूर्वांचल के बाहुबली और माफिया सरगनाओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के माफिया से मिलकर यह सनसनीखेज हत्याकांड कराया है।
कुख्यात संदीप को 14 साल से ढूंढ रही पुलिस
संदीप सिंह उर्फ बाबा कुख्यात अपराधी है और वर्ष 2016 से वह पुलिस के शिकंजे से बचकर घूम रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदीप ने हत्या के अलावा कई वारदातें की हैं। हालांकि, पुलिस अब तक उसका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं जुटा सकी है। उस पर इनाम घोषित है या नहीं, इस बारे में भी जानकारी नहीं मिल सकी।
एक शूटर को पकड़ा, घायल शूटर की भी पहचान
लखनऊ। अजीत सिंह की हत्या करने वाले एक शूटर को दबोचने के साथ ही पुलिस ने वारदात में शामिल सभी शूटरों की पहचान कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया शूटर चंदौली का संदीप सिंह उर्फ बाबा है, जबकि अजीत की गोली से घायल शूटर अलीगढ़ निवासी राजेश तोमर है। पुलिस ने संजय सिंह और देवेंदर सिंह नाम के दो व्यक्तियों को भी पकड़ा है जो संभवतया अजीत की हत्या में शामिल थे या शूटरों के मददगार थे।