लखनऊ। चुनाव प्रचार के दौरान तय मानक से अधिक वाहनों का प्रयोग कर आचार संहिता का उल्लंघन करने में तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी और वर्तमान भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत पांच लोगों के खिलाफ चल रहे मामले में दो दरोगाओं के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। एमपी/एमएलए के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने इस मामले में गवाही के लिए हाजिर न होने पर दरोगा महेंद्र प्रताप सिंह और कल्याण सिंह सागर के खिलाफ यह आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने मामले के आरोपी संजय यादव के गैरहाजिर रहने पर उसके खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 28 अक्तूबर की तारीख तय की है।
पत्रावली के अनुसार, इस मामले में कई गवाहों की गवाही दर्ज की जा चुकी है। अब केवल दरोगा कल्याण सिंह सागर और दरोगा महेंद्र प्रताप सिंह की गवाही दर्ज होनी है लेकिन दोनों ही गवाही देने नहीं आ रहे हैं। पत्रावली के अनुसार, उड़नदस्ते की मजिस्ट्रेट अनुपम पांडेय ने कृष्णानगर थाने में 10 फरवरी 2012 को रिपोर्ट दर्ज कर बताया था कि वह अपनी टीम के साथ भ्रमण पर थीं, तभी उन्होंने पाया कि रीता बहुगुणा जोशी के नेतृत्व में पोस्टर, बैनर, लाउडस्पीकर के साथ 25 वाहनों का जुलूस निकल रहा था। बताया गया कि जुलूस में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर मानक से अधिक वाहनों का प्रयोग किया गया।