उत्तर प्रदेश में कमजोर आय वर्ग के बच्चों के निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत गत वर्ष की अपेक्षा काफी अच्छा रुझान है। निजी स्कूलों में पूर्व प्राथमिक व कक्षा एक में 25 फीसदी तक प्रवेश के लिए पहले चरण में 1.82 लाख आवेदन हुए। इसमें जांच में 1.37 हजार आवेदन सही पाए गए और जिला स्तर पर हुई लॉटरी में पहले चरण में 81,816 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं।
शासन ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि स्कूल आवंटन होने वाले बच्चों का जिला स्तर पर अभियान चलाकर प्रवेश सुनिश्चित कराएं। दूसरे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन एक से 30 मार्च तक लिए जाएंगे। इस साल शासन चार चरण में आरटीई के तहत आवेदन लेकर बच्चों के प्रवेश सुनिश्चित कराएगा।
शासन ने आरटीई के तहत होने वाले प्रवेश की प्रतिपूर्ति के लिए बजट प्रावधान 181 करोड़ से बढ़ाकर 308 करोड़ किया है। वहीं पिछले कई सालों के बकाया प्रतिपूर्ति शुल्क का भी इस साल भुगतान कर दिया गया है। यही वजह है कि इसमें विद्यालय भी रुचि ले रहे हैं। इस साल आरटीई में रजिस्डर्ट स्कूलों की संख्या भी बढ़ी है। शासन ने इस साल प्रवेश का लक्ष्य भी बढ़ाकर दो लाख किया है, जबकि गत वर्ष 1.1 लाख बच्चों का प्रवेश हुआ था।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बताया कि स्कूलों में सीट क्षमता के अनुसार पहले चरण में 81 हजार विद्यालय आवंटित हुए हैं। जो बच्चे इस चरण में छूट गए हैं, वह अगले चरण में फिर से दूसरे स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला स्तर पर, तहसील व ब्लॉक में भी विभिन्न माध्यमों से आरटीई का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इसका लाभ ले सकें।
इस तरह बढ़े आवेदन
- 2021-22 में तीन चरण में दो लाख 98 आवेदन, 1.53 लाख आवेदन सही, 99255 को स्कूल आवंटित
- 2022-23 में तीन चरण में 2.51 लाख आवेदन, 1.94 लाख आवेदन सही, 1.24 लाख को स्कूल आवंटित
- 2023-24 में तीन चरण में 2.85 लाख आवेदन, 2.8 लाख आवेदन सही, 1.34 लाख को स्कूल आवंटित
- 2024-25 में पहले चरण में 1.82 लाख आवेदन, 1.37 लाख आवेदन सही, 81 हजार को स्कूल आवंटित