राजधानी लखनऊ स्थित चारबाग रेलवे स्टेशन पर ऑटो-टेंपो की मनमानी रोकने व ट्रैफिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की जो व्यवस्था 40 वर्षों से चल रही थी, वह खत्म करने की तैयारी है। इससे ऑटो-टेंपो चालक बेलगाम हो जाएंगे और यात्रियों से मनमाने रेट वसूलेंगे। साथ ही स्टेशन पर ट्रैफिक व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।
इस समस्या के बाबत शाही टेंपो ऑटो टैक्सी ओनर्स एसोसिएशन ने डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को ज्ञापन भी दिया गया है। इसके तहत ही शनिवार को डीआरएम शनिवार को स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में जगह-जगह खड़े ऑटो-टेंपो, चालकों की मनमानी व अव्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे।
एसोसिएशन के नरेंद्र कुमार ने बताया कि स्टैंड की व्यवस्था 40 साल पुरानी है। स्टैंड जीआरपी के साथ मिलकर स्टेशन पर ट्रैफिक व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखता है। ऐसे में स्टैंड हट जाने से आम लोग परेशान होंगे। स्टैंड से रेलवे को आमदनी भी होती है। इसके हटने पर राजस्व का नुकसान भी होगा।
चारबाग स्टेशन पर सुबह-शाम को ट्रैफिक की यह स्थिति रहती है कि चारों ओर सिर्फ गाड़ियां ही दिखती हैं। वाहनों को रेंगकर चलना पड़ता है। ऑटो-टेंपो चालक मनमाने ढंग से पार्किंग करते हैं। पहले इंटीग्रेटेड पार्किंग थी, जिससे ट्रैफिक चलता रहता था, उसके खत्म होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। डीआरएम ने इंटीग्रेटेड पार्किंग के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को निरीक्षण के दौरान जंक्शन के सामने सीवर के ढक्कन गायब मिले। उन्होंने इसे ठीक करने को कहा। साथ ही पार्किंग व प्रकाश व्यवस्थाएं भी गड़बड़ पाई गईं। उन्होंने जीआरपी को ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने को कहा। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्कुलेटिंग एरिया में सफाई पर फोकस करें।