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Lucknow News: एक माह बाद भी नहीं गिन पाए पुरस्कारों के लिए प्राप्त आवेदन

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एक माह बाद भी नहीं गिन पाए पुरस्कारों के लिए प्राप्त आवेदन
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों की घोषणा चार साल तक नहीं की गई और जब की गई तो अकादमी के कर्मचारियों की हीलाहवाली इसे आगे नहीं बढ़ने दे रही है। हालत यह है कि एक माह से अधिक समय गुजरने के बाद भी पूरे प्रदेश से विभिन्न विधाओं में पुरस्कारों के लिए आए आवेदनों की गिनती तक नहीं हो सकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि पहले 15 जून थी जिसे बढ़ाकर 25 जून कर दिया गया था। तब से लेकर अकादमी प्रशासन इन आवेदनों को गिन तक नहीं सका है।
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वर्ष 2021 से संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों की घोषणा नहीं की गई थी। इस साल यह प्रक्रिया आगे बढ़ी और एक साथ चार वर्षों के पुरस्कारों को दिए जाने की घोषणा की गई। इसके बाद कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए। वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए पुरस्कारों को लेकर आवेदन लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 2021 के लिए आवेदन पहले ही आमंत्रित किए जा चुके थे।

पुरस्कारों के लिए प्रदेशभर से आवेदन और संस्तुतियां आईं। दिल्ली और मध्यप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के कलाकारों ने भी आवेदन किया। ये ऐसे कलाकार हैं जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं लेकिन किसी कारणवश अब वहां रह रहे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि पहले 15 जून निर्धारित थी लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 25 जून कर दिया गया था जिससे ज्यादा से ज्यादा कलाकार पुरस्कारों के लिए आवेदन कर सकें।
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25 जून से लेकर अब तक अकादमी के पास इस बात की जानकारी नहीं है कि कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग विधाओं में आए आवेदनों की जानकारी तो दूर की बात है। आवेदनों की गिनती का काम देख रहे अकादमी के कर्मचारी सौरभ सक्सेना ने बताया कि अभी तक आवेदनों की गिनती पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक करीब 400 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

ऐसे में सवाल अब यह उठता है कि अगर आवेदनों की संख्या 400 के आसपास है तो इनकी गिनती करने में आखिर इतना समय क्यों लग रहा है। एक माह बीत जाने के बाद भी इस बात की जानकारी नहीं हो सकी है कि किस विधा में कितने आवेदन आए हैं या फिर कुल आवेदनों की सही संख्या कितनी है। ऐसे में तो पुरस्कारों को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया मंद पड़ सकती है। इस संबंध में जब अकादमी के निदेशक शोभित नाहर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बहुत जल्द विधावार आवेदनों की संख्या स्पष्ट हो जाएगी। वहीं अकादमी के अध्यक्ष जयंत खोत ने दूरभाष पर बताया कि वे अभी शहर से बाहर हैं, लौटकर इस मामले को दिखवाएंगे।

पुरस्कार राशि बढ़ाने पर हो रहा विचार

इससे पहले संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए मिलने वाली राशि 10 हजार रुपये निर्धारित थी लेकिन इस बार उम्मीद है कि यह राशि बढ़ सकती है। अकादमी के निदेशक शोभित नाहर के अनुसार, इसके लिए शासन को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। इस बार प्रयास किया जा रहा है कि इस राशि में बढ़ोतरी हो और कम से कम इसे 50 हजार रुपये तक किया जाए। बीएम शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए भी कार्रवाई चल रही है।

इन विधाओं के कलाकारों से मांगे गए थे आवेदन
गायन, वादन, नृत्य, रंगमंच, समीक्षा, लेखन, कला उन्नयन एवं कला छायांकन, लोकनृत्य व लोक संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलाकारों से इन पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
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