लखनऊ। कुर्सी रोड स्थित पैराडाइज अपार्टमेंट निवासी शाबान नूर को ट्रैफिक पुलिस के नाम से फर्जी चालान की एंड्रॉइड एप्लिकेशन पैकेज (एपीके) फाइल भेजकर जालसाजों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया। फिर उनके मोबाइल से 11.60 लाख रुपये के दो लोन हासिल करने के साथ क्रेडिट कार्ड से 61,768 रुपये निकाल लिए। पीड़िता ने शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
शाबान नूर के अनुसार एक सितंबर की सुबह जालसाजों ने उन्हें ट्रैफिक पुलिस के नाम से चालान की एपीके फाइल भेजी। उन्होंने इसे डाउनलोड कर लिया। ऐसा होते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया और कई ओटीपी आने लगे। तकनीकी दिक्कत समझकर उन्होंने मोबाइल रीस्टार्ट कर दिया।
इस बीच जालसाजों ने उनके मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए 10 लाख और 1.60 लाख रुपये के दो लोन ले लिए। रकम शाबान के खाते में आते ही जालसाजों ने उनके मोबाइल से इसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया। इतना ही नहीं जालसाजों ने उनके मोबाइल की मदद से एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए चार बार में 61,768 रुपये भी निकाल लिए। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर का कहना है कि जिन खातों में रुपये भेजे गए हैं, उनकी डिटेल बैंक से मांगी गई है। खातों को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जानिए, क्या है एपीके फाइल
एपीके एक फाइल फॉर्मेट है, जो एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर मोबाइल एप्स के इंस्टॉलेशन व वितरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें किसी एप को इंस्टॉल करने के लिए आवश्यक सभी फाइलें जैसे कोड, रिसोर्स आदि शामिल होते हैं। इसे एक जिप फाइल के रूप में पैक किया जाता है।
ठगी का शिकार होने से खुद को ऐसे बचाएं
- व्हाट्सएप के जरिये आई किसी भी एपीके फाइल को तब तक डाउनलोड न करें, जब तक वह आपके किसी परिचित या भरोसे के व्यक्ति ने न भेजी हो।
- जालसाज अक्सर शादी का कार्ड, ट्रैफिक पुलिस के चालान की एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लेते हैं।
- भेजी गई फाइल अगर एपीके, पीआईएफ, वीबीएस हो तो उसे कतई न खोलें।
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यहां करें शिकायत
- पुलिस कंट्रोल रूम 112
- साइबर क्राइम सेल हजरतगंज थाना और साइबर थाना विभूतिखंड में शिकायत करें।
- टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- www.cybercrime.gov.in (केंद्र सरकार द्वारा जारी वेबसाइट)