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संजय सिंह के आरोपों का दिया जवाब : जलशक्ति मंत्री बोले - सरकार ने नहीं किया पाइप आपूर्ति का टेंडर

Mon, 09 Aug 2021 07:56 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

जलशक्ति मंत्री सिंह ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में आप सांसद संजय सिंह के लगाए आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया। यूपी सरकार निर्माण कंपनी को किसी कार्य के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। सिर्फ घटिया सामान न लगने देने की जिम्मेदारी सरकार की है।

 
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डॉ. महेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जल जीवन मिशन के तहत होने वाले कार्यों के लिए पाइप आपूर्ति का टेंडर सरकार ने नहीं किया है। जिस कंपनी को ईपीसी मोड पर कार्य दिए गए उसके पास ही खरीद, निर्माण, 10 साल तक योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी है। यूपी सरकार निर्माण कंपनी को किसी कार्य के लिए बाध्य नहीं कर सकती है। सिर्फ घटिया सामान न लगने देने की जिम्मेदारी सरकार की है। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आप सांसद संजय सिंह के लगाए आरोपों का बिंदुवार जवाब दिया।

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जल शक्ति मंत्री ने कहा कि आप सांसद ने यूपी सरकार और मुझ पर इल्ज़ाम लगाए हैं। इनका बिंदुवार जवाब देना जरूरी है। हमने उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के हर घर को पाइपलाइन से जोड़ने का प्रयास किया है। लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि प्रदेश के लोग साफ और शुद्ध पानी पिएं, जलजीवन मिशन कामयाब हो। उन्होंने कहा कि आप सांसद ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में चार आरोप लगाए हैं। इसमें पहला एक कंपनी को पाइप आपूर्ति का ठेका देने का आरोप है। जो पूरी तरह से गलत है। दूसरा उन्होंने जल जीवन मिशन में एक लाख बीस हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। यह भी पूरी तरह से गलत है। जल जीवन मिशन के तहत बुंदेलखंड में 15 हजार करोड़ के कार्यों का अनुमोदन हुआ है। इसमें से भी मात्र तीन हजार करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। अन्य योजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि संजय सिंह की आठ राज्यों में पाइप आपूर्ति करने वाली कंपनी के ब्लैक लिस्ट होने की बात भी झूठी है। आर्मी व किसी भी राज्य ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट नहीं किया है। एक अन्य आरोप में सभी काम 40 प्रतिशत अधिक दर पर देने का आरोप है। जबकि यूपी सरकार ने पूरा काम जल निगम के 10 साल पहले के रेट से कम दर पर दिए हैं। 10 साल पहले जल निगम ने 1.25 लाख रुपये प्रति आवास कनेक्शन की दर से कार्य कराए थे। जबकि वर्तमान में कार्य 50 हजार रुपये प्रति आवास कनेक्शन की दर से हो रहे हैं। कंपनी को सूचीबद्ध करने में भी जल निगम की सालाना वृद्धि दर से आधा में कार्य आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि आप सांसद के जल जीवन मिशन के तहत होने वाले कार्यों के आरोप पूरी तरह से मिथ्या हैं।
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मध्य प्रदेश व आंध्र प्रदेश से कम में टीपीआई
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत होने वाले कार्य का टीपीआई (थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन) कराया जा रहा है। आप सांसद ने इसे भी अधिक दर से देने का आरोप लगाया है। जबकि मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के मुकाबले यूपी ने सबसे कम दर में टीपीआई का कार्य दिया है। मध्य प्रदेश में योजना का 1.71 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 1.53 प्रतिशत से 1.8 प्रतिशत और यूपी में 1.33 प्रतिशत में टीपीआई का कार्य दिया गया है, जो सबसे कम है। उन्होंने यह आरोप भी गलत लगाया है।

विधायकों के शिकायती पत्र पुराने
उन्होंने कहा कि संजय सिंह ने अपने आरोपों में हरैया बस्ती के विधायक अजय सिंह का पत्र लगाया है। यह पत्र अजय सिंह ने 2018 में लिखा था। सपा कार्यकाल में हुए चेक डैम और तालाबों की जांच की मांग की थी। इसी तरह एक अन्य पत्र बारा प्रयागराज के विधायक डॉ. अजय कुमार का लगाया गया है। इसमें भी उन्होंने 108 चेक डैम की जांच की मांग की है। यह भी पुराना और लघु सिंचाई से जुड़ा मामला है। जल जीवन मिशन से इसका कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि आप सांसद को विधायकों के पत्र को लगाते समय, उनकी छवि का ध्यान रखना चाहिए था।

ईओडब्लू को दी गई मऊ और बरगढ़ में हुए कार्यों जांच
जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल निगम ने सपा कार्यकाल में मऊ और बरगढ़ में हुए कार्यों की जांच कुछ दिन पहले ही ईओडब्लू को दी है। वर्ष 2012 और 2013 में सपा सरकार में स्वीकृत इन योजनाओं में 179 करोड़ में मऊ और 77 करोड़ में बरगढ़ में 1.25 लाख रुपये प्रति घर के हिसाब से कनेक्शन दिया गया था। यह लगभग 09 साल पहले का मामला है। जबकि वर्तमान में 50 हजार रुपये प्रति घर कनेक्शन के हिसाब से कार्य कराया जा रहा है। इस तरह पूर्व में दोनों योजनाओं में बड़ा घोटाला हुआ है। जिसकी जांच कराई जा रही है।

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