लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) मंगलवार को फिर सुनवाई हुई। फैसला आने की संभावना थी, मगर कोर्ट ने दूसरे पक्षों को अपनी बात रखने के लिए एक सप्ताह का मौका दे दिया और अगली सुनवाई सात जुलाई को तय की है। ऐसे में एक बार फिर फैसला टल गया। फैसले का असर करीब पांच हजार आवंटियों पर पड़ेगा।
आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने बताया कि 25 अप्रैल को एनसीएलएटी ने एनसीएलटी के फरवरी के उस आदेश पर रोक लगाई थी, जिसमें अंसल को दिवालिया घोषित किया गया है। उस दिन मामले के निस्तारण को लेकर 20 मई तारीख सुनवाई के लिए तय की गई थी। उसके बाद 20 मई को सुनवाई हुई, मगर एनसीएलएटी ने अन्य पक्षोंं को भी पक्ष रखने का मौका देने के लिए सुनवाई एक जुलाई को तय कर दी थी। अब एक जुलाई को सुनवाई हुई तो फिर सभी पक्षों को एक-दूसरे को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। ऐसे में अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी। जब तक फैसला नहीं आएगा, तब तक 25 अप्रैल को जो स्थगन आदेश हुआ था, वह प्रभावी रहेगा।