फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तानी अफसरों की फरमाइश पर लड़कियां सप्लाई करता था पकड़ा गया ISI एजेंट

Fri, 05 May 2017 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
गिरफ्तार आईएसआई एजेंट आफताब - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
यूपी एटीएस ने मुंबई से एक और आईएसआई एजेंट जावेद इकबाल को दबोचा है। फैजाबाद से पकड़े गए जासूस आफताब अली से मिली जानकारी के बाद यूपी एटीएस ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर बृहस्पतिवार सुबह ये कार्रवाई की।
विज्ञापन


वहीं, आईएसआई एजेंट आफताब ने बड़ा खुलासा किया है। पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों की फरमाइश पर वह काल गर्ल की सप्लाई करता था। हालांकि एटीएस इसके सुबूत तलाश रही है, ताकि आफताब के दावे की सच्चाई पता चल सके और पाकिस्तान के अधिकारियों को बेनकाब किया जा सके।

अल्ताफ और जावेद दोनों ही हवाला कारोबारी हैं। आफताब के खाते में पैसा जमा करने वाले अल्ताफ से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि जावेद ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा था। जावेद को गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ की गई तो जावेद ने बताया कि कराची से मिलने वाले आदेश पर वह एजेंट के खाते में पैसे ट्रांसफर करता था। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला है कि आफताब लखनऊ में भी कैंट एरिया में जासूसी के लिए आ चुका था।
विज्ञापन


उधर, बुधवार को हिरासत में लिए गए इमरान को पर्याप्त सुबूत न होने पर गुरुवार को छोड़ दिया गया। एटीएस के एएसपी राजेश साहनी के नेतृत्व में आईएसआई एजेंटों को गिरफ्तार करने वाली टीम को आईजी एटीएस ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

दो बार पाकिस्तान जा चुका है आफताब

- फोटो : amar ujala
आफताब ने एटीएस को बताया कि पाकिस्तान के कराची में उसकी नानी रहती हैं, जिसकी तबियत खराब थी। नानी को देखने के लिए उसने पहली बार वीजा के लिए आवेदन किया, लेकिन आवेदन मंजूर नहीं किया गया।

तीन बार आवेदन निरस्त होने के बाद वह खुद पाकिस्तान उच्चायोग पहुंचा। यहां उसकी मुलाकात उच्चायोग के एक अधिकारी मेहरबान अली से हुई। मेहरबान अली ने उसे आईएसआई के लिए काम करने की पेशकश की और इसके बदले उसे वीजा दिलाने का भरोसा दिलाया।

वीजा दिलाने से पहले आफताब से फैजाबाद में सेना के मूवमेंट का विडियो बनाने और फोटो लाकर देने को कहा गया, जिसके बाद उसे वीजा दे दिया गया। आफताब पहली बार 1 मई 2014 को वाघा बार्डर से लाहौर गया। फिर कराची में ग्रीन टाउन में अपने नानी के घर तीन माह रहा।

वहीं पर मेहरबान अली  के कहने पर आफताब आईएसआई अधिकारियों से मिला और प्रशिक्षण लिया। 29 नवंबर 2014 को आफताब वापस भारत लौटा और मेहरबान अली से मिलता रहा। 8 मई 2016 में फिर अटारी बार्डर से कराची पहुंचा और प्रशिक्षण लेने के बाद 28 जून 2016 को वापस भारत आ गया।

फैजाबाद से लखनऊ के बीच सेना के मूवमेंट के बारे में बताता था

- फोटो : amar ujala
एटीएस के एक सूत्र ने बताया कि आफताब कोड वर्ड में बात करता था। पाकिस्तान उच्चायोग जाना हो तो उसे दुकान पर आने के लिए कहा जाता था।

वहीं सैन्य अधिकारियों के मूवमेंट के बारे में जानकारी देने के लिए अधिकारियों के पद के हिसाब से बताता था कि छोटे अंकल का परिवार 21 गाड़ियों से निकल चुका है, इसमें छह बड़ी गाड़ियां हैं।

इसके अलावा आफताब फैजाबाद से लखनऊ के बीच सेना के मूवमेंट के बारे में, बटालियनों की नियुक्ति के बारे में और ट्रेन द्वारा जा रहे सेना के रेजिमेंट के जाने का समय व तारीख के साथ अमृतसर में सेना की पलटन की संख्या के बारे में जानकारी ई-मेल पर व व्हाट्सएप से दे रहा था।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान से दोबारा लौटने के बाद उसकी गतिविधियां बढ़ गई थीं।

सिमबॉक्स के जरिए पहुंची एटीएस

- फोटो : SELF
एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि जनवरी में कश्मीर से मिलेट्री इंटेलीजेंस से फोन के जरिए जासूसी के बारे में जानकारी मिली थी। एटीएस ने छानबीन के बाद दर्जनों की संख्या में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले सिमबॉक्स बरामद किए थे। इसी दौरान फैजाबाद के आफताब का नंबर भी संदिग्ध नंबरों की श्रेणी में रखा गया था और उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी। पुख्ता जानकारी के बाद से उसे फैजाबाद से गिरफ्तार किया गया।

रिमांड पर लेकर राज उगलवाएगी एटीएस
मुंबई में पकड़े गए दोनों हवाला कारोबारी व आईएसआई एजेंट अल्ताफ और जावेद को लेकर एटीएस लखनऊ आ रही है। लखनऊ में उसे एटीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा और आफताब के साथ अल्ताफ और जावेद की रिमांड न्यायालय से ली जाएगी।

कम पैसे में भी काम करने को रहता था तैयार
सूत्रों की मानें तो आफताब पांच से छह हजार रुपये में भी आईएसआई के लिए काम करने के लिए तैयार रहता था। पिछले छह माह में उसके खाते में कुल 65 हजार रुपये आने की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन

दो सैन्य अधिकारियों की भी हो रही पड़ताल

मुंबई में गिरफ्तार हुआ आईएसआई एजेंट जावेद
सूत्रों का यह भी कहना है कि आफताब सेना के अधिकारियों से संपर्क बढ़ाने की भी कोशिश कर रहा था। वह पाकिस्तान में बैठे व्यक्ति से बातचीत में कहता कि एक अच्छा बंदा हाथ लगा है, उससे दोस्ती बढ़ा रहा हूं। आफताब दो सैन्य अधिकारियों के बारे बता रहा था, उन अधिकारियों के बारे में पड़ताल की जा रही है।

जावेद से अन्य एजेंटों के बारे में होगी पूछताछ
एडीजी कानून-व्यवस्था आदित्य मिश्रा का कहना है कि मुंबई से पकड़े गए अल्ताफ कुरैशी और जावेद को मुंबई की स्थानीय अदालत में एटीएस के इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा ने पेश किया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर टीम लखनऊ आ रही है।

जावेद से यह भी पता करने की कोशिश की जाएगी कि उसने यूपी में या देश में और किन लोगों के खातों में जासूसी के एवज में पैसे जमा कराए। वहीं, सूत्रों का कहना है कि जावेद पर अन्य एजेंसियों को भी शक था, लेकिन पुख्ता सुबूत के अभाव में पुलिस या एटीएस उस पर हाथ नहीं डाल पा रही थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें