मुंह के छाले हो सकते हैं कैंसर का कारण
- फोटो : demo pic
मुंह में पड़े छाले यदि 10-15 दिन में ठीक नहीं तो इन्हें बिल्कल नजरअंदाज न करें यह कैंसर के कारण भी हो सकता है। पान, मसाला, तंबाकू और कत्थे का सेवन करने से यूपी और बिहार में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मुंह का कैंसर जहां लोगों का खाना पीना बंद कर रहा है। वहीं,गंभीर परिस्थितियों में पीड़ित को अपनी आवाज से भी हाथ धोना पड़ रहा है। ये जानकारी रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया यूपी चेप्टर के ‘इमर्जिंग पैराडाइम्स इन प्रीसिजन रेडियोथेरेपी एंड ऑन्कोलॉजी प्रैक्टिसेस’ विषय पर विशेषज्ञों ने दी।
इंदिरागांधी प्रतिष्ठान के प्लूटो हॉल में आयोजित एनुअल कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जेके कैंसर इंस्टीट्यूट कानपुर के डॉ. ईश्वर चंद खरे ने बताया कि पान, मसाला, तंबाकू, कत्था और चूना लोगों को मुंह के कैंसर का रोगी बना रहा है।
आलम ये है कि सौ मरीजों में 30 से अधिक मुंह के कैंसर से पीड़ित हैं। तंबाकू उत्पादों से मुंह, गाल, जबान, मसूढ़ों, टॉन्सिल और कंठ में कैंसर हो रहा है। डॉ. खरे ने बताया कि तंबाकू उत्पादों का सेवन से व्यक्ति के मुंह में छाले पड़ें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मुंह में कैंसर से अधिक खतरा लैरिंग्स ‘वोकल कॉर्ड’ यानि स्वर बॉक्स को होता है। कई गंभीर परिस्थितियों में कैंसर सेल्स स्वर बॉक्स को क्षतिग्रस्त कर देती हैं। ऐसे में वोकल कार्ड निकालने से व्यक्ति की आवाज जीवन भर के लिए चली जाती है। कार्ड में गांठ के साथ सूजन भी आने लगती है।