मंत्री ने बताया कि ग्राम प्रधान की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मेरिट पर चयन करेगी। यदि ग्राम पंचायत में कोविड-19 से मृतक व्यक्ति है तथा उसका वारिस इंटरमीडिएट पास है व आरक्षण श्रेणी को पूरा करता है तो उसे वरीयता दी जाएगी। कोविड से मृतक वारिसान में मृत व्यक्ति की पत्नी या पति, पुत्र, अविवाहित पुत्री व विधवा पुत्री, विधवा माता, अविवाहित भाई व अविवाहित बहन आएंगे। सामान्य श्रेणी की ग्राम पंचायतों में कोविड-19 की वजह से हुई मृत्यु का लाभ सामान्य श्रेणी के परिवार को ही दिया जाएगा। यदि एक ग्राम पंचायत में एक से अधिक कोविड से मृतक के वारिसानों के आवेदन आते हैं तो जिनका हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्राप्ताकों के प्रतिशत का औसत अधिक होगा, उन्हें चयनित किया जाएगा। कोविड पॉजिटिव की पुष्टि एंटीजन, आरटीपीसीआर, ब्लड टेस्ट व सिटी स्कैन जांच के आधार पर होगी। कोविड-19 पाॅजिटिव होने की तिथि से 30 दिन के अंदर मृत्यु कोविड-19 से मृत्यु मानी जाएगी।
जिस श्रेणी में ग्राम पंचायत आरक्षित, उसी श्रेणी का पंचायत सहायक
गत दिनों संपन्न पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत जिस श्रेणी में आरक्षित रही है, उसी श्रेणी का अभ्यर्थी चयनित होगा। यदि ग्राम प्रधान का पद ओबीसी श्रेणी में आरक्षित है तो पंचायत सहायक ओबीसी से, यदि एससी श्रेणी में आरक्षित है तो एससी से और यदि एससी-एसटी-ओबीसी जाति महिला या सामान्य महिला के लिए आरक्षित है तो संबंधित श्रेणी की महिला अभ्यर्थी चयनित की जाएगी।
30 जुलाई से एक अगस्त: ग्राम पंचायत सूचना पट व मुनादी के जरिए आवेदन आमंत्रित करेगी।
2 अगस्त से 17 अगस्त: डीपीआरओ कार्यालय, विकास खंड कार्यालय व ग्राम पंचायत में आवेदन लिया जाएगा। वहां उसकी रसीद दी जाएगी।
24 अगस्त से 31 अगस्त: ग्राम पंचायत आवेदन पत्रों की श्रेष्ठता सूची तैयार कर प्रशासनिक समिति से अनुमोदित कराएगी और जिला स्तरीय समिति को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
1 सितंबर से 7 सितंबर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति चयन सूची का परीक्षण कर संस्तुति देगी।
8 सितंबर से 10 सितंबर: ग्राम पंचायत द्वारा पंचायत सहायक को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा।