प्री-स्कूलों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पढ़ाई होगी। इन केंद्रों में आने वाले बच्चों को स्कूल पूर्व की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए ‘पहल’ नामक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
इसमें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजें।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को हर महीने के पहले शनिवार को ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’ (ईसीसीई) दिवस मनाने के निर्देश दिए हैं।
इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां बच्चों की आयु के अनुरूप उनकी गतिविधियों एवं क्षमताओं को उनके अभिभावकों के सामने प्रदर्शित करेंगी।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा, विकास एवं देखभाल के प्रति जागरूक करना है।